


Chaibasa. कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ गई है. चाईबासा एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है. कोर्ट ने राहुल गांधी को 26 जून को अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया है। राहुल गांधी की ओर से पेशी में छूट देने के लिए याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है. याचिकाकर्ता के वकील केशव प्रसाद ने बताया कि मामला 28 मार्च 2018 का है. ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी का अधिवेशन नई दिल्ली में हुई थी. जिसमें सांसद राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि भाजपा में कोई भी हत्यारा अध्यक्ष बन सकता है. चोरों का गिरोह है. इस बयान के खिलाफ चाईबासा कोर्ट में केस दर्ज किया गया था.
जमानती वारंट पर भी नहीं हुए पेश, पहुंचे थे हाईकोर्ट
इस मामले में लंबे समय से सुनवाई चल रही है 20 फरवरी 2020 को झारखंड हाईकोर्ट ने आदेश दिया था. हाईकोर्ट के आदेश पर चाईबासा एमपी-एमएलए कोर्ट से इस केस को रांची के एमपी-एसएलए स्पेशल कोर्ट में ट्रांसफर किया गया. एमपी-एसएलए स्पेशल कोर्ट ने इसी साल राहुल गांधी को समन भेजा, लेकिन वे कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए. फिर उन्हें स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट से जमानती वारंट जारी किया गया. इसमें भी वह अदालत में पेश नहीं हुए, इसके बदले उनके वकील ने झारखंड हाईकोर्ट में वारंट रोकने के लिए अर्जी दायर की, जिसे कोर्ट ने डिस्पोजल कर दिया. अब एक बार फिर चाईबासा एमपी-एमएलए कोर्ट ने सांसद राहुल गांधी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है.



