New Delhi. वाणिज्य मंत्रालय की जांच इकाई व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) ने इस्पात आयात में कथित उछाल की जांच शुरू कर दी है. एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने सोमवार को कहा कि मंत्रालय अपनी सिफारिशें देने से पहले सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों (एमएसएमई) से भी सलाह लेगा. वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि मंत्रालय को इस्पात मंत्रालय से सुरक्षा जांच करने का अनुरोध मिला है.
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘डीजीटीआर जांच कर रहा है और जांच में वे पूरी मूल्य श्रृंखला को शामिल कर रहे हैं. इसलिए हम न केवल भारत आने वाले एचआर (हॉट-रोल्ड) और सीआर (कोल्ड-रोल्ड) कॉइल (इस्पात उत्पाद) की जांच कर रहे हैं, बल्कि आगे उद्योग की जरूरत को भी देख रहे हैं कि उत्पादन में असंतुलन है या क्या इस्पात में अतिरिक्त क्षमता के कारण नुकसान हो रहा है.’
उन्होंने कहा कि एमएसएमई के साथ ही आगे की कड़ी के उद्योगों सहित सभी हितधारकों से परामर्श किया जा रहा है, और इसके बाद ही डीजीटीआर इस संबंध में कोई सिफारिश करेगा.
वाणिज्य मंत्रालय की सिफारिशों पर वित्त मंत्रालय शुल्क लगाने पर अंतिम फैसला करेगा. इस्पात मंत्रालय ने दो दिसंबर को वाणिज्य विभाग के साथ बैठक में देश में आयात किए जाने वाले कुछ इस्पात उत्पादों पर 25 प्रतिशत सुरक्षा शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा था. बैठक में इस्पात मंत्री एच डी कुमारस्वामी और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल मौजूद थे.