


जमशेदपुर।
भारतीय रेलवे हमेशा से अपने यात्रियों की सुरक्षित और सुखद यात्रा के लिए प्रतिबद्ध रहा है। अक्सर सफर के दौरान यात्रियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन जब रेलवे के कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ निभाते हैं, तो वह समाज के लिए एक बड़ी मिसाल बन जाता है। ऐसा ही एक उत्कृष्ट उदाहरण धनबाद रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले चोपन स्टेशन पर देखने को मिला, जहां रेलवे टिकट जाँच कर्मियों ने न सिर्फ एक यात्री का खोया हुआ कीमती बैग सकुशल वापस लौटाया, बल्कि एक अन्य ट्रेन में महिलाओं और सहयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए एक उत्पाती शराबी को भी सलाखों के पीछे पहुंचाया। इन दोनों घटनाओं ने यात्रियों के बीच रेलवे प्रशासन के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है।
पटना-सिंगरौली एक्सप्रेस का मामला: जल्दबाजी में छूट गया था बैग
पहली घटना 15 मई 2026 की है। गाड़ी संख्या 13350 (पटना-सिंगरौली एक्सप्रेस) से एक यात्री अपनी मंजिल की ओर सफर कर रहा था। ट्रेन पकड़ने की हड़बड़ाहट और भारी भीड़ के कारण जल्दबाजी में उस यात्री का एक महत्वपूर्ण बैग पटना जंक्शन पर ही छूट गया। जब यात्री को ट्रेन में अपने बैग के न होने का अहसास हुआ, तो वह काफी परेशान हो गया। इसके बाद यात्री ने तुरंत समझदारी दिखाते हुए चोपन स्टेशन पहुंचने पर वहां मौजूद मुख्य टिकट निरीक्षक को अपनी परेशानी बताई और बैग छूटने की पूरी सूचना दी।

मुख्य टिकट निरीक्षक यू. के. सिंह की तत्परता आई काम
यात्री की परेशानी को समझते हुए चोपन स्टेशन के मुख्य टिकट निरीक्षक यू. के. सिंह ने गजब की कार्यकुशलता और संवेदनशीलता का परिचय दिया। उन्होंने बिना समय गंवाए तुरंत पटना स्टेशन के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क साधा और समन्वय स्थापित किया। उनकी इस त्वरित कार्रवाई का नतीजा यह हुआ कि पटना में छूटा हुआ वह बैग सुरक्षित रूप से चोपन स्टेशन मंगवा लिया गया और आज पूरे मान-सम्मान के साथ संबंधित यात्री को सकुशल सौंप दिया गया। अपना खोया हुआ कीमती बैग वापस पाकर यात्री की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उसने रेलवे प्रशासन व यू. के. सिंह के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।
कोलकाता-अहमदाबाद एक्सप्रेस में शराबी का उत्पात
दूसरी घटना इसी दिन गाड़ी संख्या 19414 (कोलकाता-अहमदाबाद एक्सप्रेस) में घटी। ट्रेन के शयनयान (स्लीपर) कोच एसई/1 (SE/1) में एक शख्स सामान्य श्रेणी (General) का टिकट लेकर जबरन घुस आया था। वह यात्री न केवल गलत कोच में सफर कर रहा था, बल्कि वह बुरी तरह से नशे की हालत में भी था। नशे में धुत यह व्यक्ति कोच में मौजूद अन्य सहयात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार और भद्दी गाली-गलौज कर रहा था। चूंकि स्लीपर कोच में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी सफर कर रहे थे, इसलिए वहां भारी असुविधा और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया था।
रेलकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा विवाद
स्थिति को बिगड़ता देख और मामले की गंभीरता को भांपते हुए ट्रेन के टिकट जाँच कर्मियों (TTE) ने बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई की। जैसे ही ट्रेन चोपन स्टेशन पर पहुंची, रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत उस उत्पाती और शराबी यात्री को ट्रेन से नीचे उतार लिया और उसे रेलवे सुरक्षा बल (RPF) चोपन के जवानों के हवाले कर दिया। आरपीएफ ने शराबी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। रेलकर्मियों के इस साहसिक और त्वरित कदम से कोच के यात्रियों ने राहत की सांस ली और रेलवे कर्मचारियों को धन्यवाद दिया। रेल प्रशासन ने भी अपने कर्मचारियों की इस कर्तव्यनिष्ठा की जमकर सराहना की है।



