


Chakardharpur. चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेनों के घंटों लेट चलने की समस्या पर डीआरएम तरुण हुरिया ने चौंकाने वाले खुलासे किए। डीआरएम ने स्पष्ट किया कि ट्रेनों की लेटलतीफी का मुख्य कारण मंडल में लगातार हो रही सिग्नलिंग उपकरणों की चोरी है। चोरों के इस आतंक ने न केवल परिचालन को प्रभावित किया है, बल्कि सुरक्षित सफर पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। डीआरएम ने बताया कि मंडल के आदित्यपुर, गम्हरिया, बंडामुंडा, सीनी और डांगुवापोसी जैसे संवेदनशील इलाकों में सिग्नल सिस्टम के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
डीआरएम ने कहा कि अगर चोरी के दौरान सिग्नलिंग सिस्टम ने गलत संकेत दे दिया, तो बड़ा रेल हादसा हो सकता है। यह महज चोरी नहीं, यात्रियों की जान से खिलवाड़ है। इस मामले में आरपीएफ (RPF) ने पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और चोरी का सामान बरामद करने के लिए पूछताछ जारी है। ट्रेनों को समय पर चलाने के लिए डीआरएम ने एक महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंडल में ट्रैक रिन्यूअल के कार्य को अगले पांच महीनों के लिए बंद कर दिया गया है।
रेलवे अब माल ढुलाई की बजाय यात्री ट्रेनों को समय पर चलाने को प्राथमिकता दे रहा है। हालांकि, हाथियों की आवाजाही और कोहरे की समस्या अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिसके समाधान के लिए नई तकनीक पर काम किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों पर बात करते हुए डीआरएम ने स्वीकार किया कि चक्रधरपुर रेल मंडल लोडिंग के मामले में काफी पीछे चल रहा है। उन्होंने कहा कि हम लोडिंग के पीछे नहीं भाग रहे हैं। हमारा पूरा फोकस ट्रेनों को सुरक्षित और समय पर चलाने पर है। पैसेंजर और मेमू ट्रेनों के लगातार रद्द होने के सवाल पर उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही स्थिति में सुधार किया जाएगा।



