



Jamshedpur. केंद्र सरकार ने संसद में बताया था कि सड़कों पर स्पीड ब्रेकर से जुड़े 30 हादसे रोज होते हैं.इन हादसों में 9 लोगों की मौत हो जाती है. दरअसल, यहां कहानी जमशेदपुर के टाटानगर स्टेशन चौक से बागबेड़ा बड़ौदा घाट जाने वाली मेन रोड पर रेलवे की ओर से बनाये गये दो ऊंचे और बेतरतीब जानलेवा स्पीड ब्रेकर की है, जहां हर दिन हादसे हो रहे हैं. ताजा घटना गुरुवार देर रात की है. यहां बाइक सवार गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया. लहूलुहान अवस्था में बागबेड़ा पुलिस ने उसे अस्पताल भेजा. दरअसल, यहां हर दिन हादसे हो रहे हैं. स्पीड ब्रेकर सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार को कम करने के लिए बनाए जाते हैं. लेकिन यहां ये स्पीड ब्रेकर ही हादसों का कारण बन रहे हैं. दोनों स्पीड ब्रेकर रास्ते से होकर गुजरने वाले आम राहगीरों के लिए हर दिन परेशानी का कारण बन गये हैं. ऊंचाई के कारण छोटी कार लेकर जाने वालों को ब्रेकर पार करने में परेशानी आ रही है और उनके कार रोकने से पीछे जाम लग जा रहा है.

आखिर किसकी अनुमति से बनाये बेतरतीब ब्रेकर
पथ निर्माण विभाग ने यहां स्पीड ब्रेकर का प्रावधान नहीं किया था और न ही मानक के अनुसार ऐसे रोड पर स्पीड ब्रेकर बनाने का कोई प्रावधान है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि यहां किसकी अनुमति से और कैसे स्पीड ब्रेकर बनाया? जनमुद्दों को लेकर शुरू से आंदोलित रहने वाले बागबेड़ा और कीताडीह के लोग अब ऊंचे स्पीड ब्रेकर को हादसों को निमंत्रण मानकर आक्रोश में हैं और इसके खिलाफ आंदोलन की तैयारी में हैं.
रेलवे ने देखी अपनी सुविधा, आमजन के नुकसान से बेपरवाह
स्टेट रोड पर मानक के अनुसार किये गये इस निर्माण में काेई स्पीड ब्रेकर का प्रावधान नहीं किया गया था. लेकिन रेलवे की ओर से इसी सड़क के किनारे कम्वाइंड क्रू लॉबी बनायी गयी है. बताया जा रहा है कि क्रू लॉबी में आने-जाने वालों की सहुलियत को लेकर यहां बड़ा ब्रेकर बना दिया है. इस दौरान यहां से होकर गुजरने वाली बागबेड़ा, कीताडीह, हरहरगुट्टू, जुगसलाई डीबी रोड, बडौदा घाट आदि इलाकों की बड़ी आबादी की परेशानी को नहीं देखा-समझा गया है. मालूम हो कि टाटानगर रेलवे स्टेशन चौक से लेकर बड़ौदा घाट तक रेलवे की जमीन है. इस पर रोड बनाने के लिए रेलवे प्रशासन ने एनओसी दिया था, तब झारखंड सरकार पथ निर्माण विभाग जमशेदपुर पथ प्रमंडल ने मंगोतिया कंस्ट्रक्शन के माध्यम से यह रोड बनवाया था.

स्पीड ब्रेकर को लेकर केंद्रीय मंत्री का ये है निर्देश
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि वो राज्य सरकारों के लिखेंगे कि वे सुनिश्चित करें कि स्पीड ब्रेकर बनाते समय नियमों का पालन हो. उन्होंने कहा था कि उनका मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि स्पीड ब्रेकर एक निश्चित स्थान पर सोच-विचार कर बनाये जाएं. दरअसल बिना मानक वाले स्पीड ब्रेकर सड़क निर्माण, ट्रैफिक नियंत्रित करने वाले निकायों और सड़क सुरक्षा का ध्यान रखने वाले संगठनों में तालमेल न होने का परिणाम है.
स्पीड ब्रेकर के मानक का पालन नहीं
सड़कों पर स्पीड ब्रेकर बनाने के लिए मानक तो तय कर दिए गए हैं, लेकिन उन मानकों का पालन कितना होता है, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है.आमतौर पर रिहायशी इलाकों, स्कूलों और अस्पतालों के दोनों किनारे पर स्पीड ब्रेकर बनाने का प्रावधान है. लेकिन होता यह है कि जिसे जरूरत होती है वहीं स्पीड ब्रेकर बनवा देते हैं. इन स्पीड ब्रेकरों को बनाने में किसी मानक का पालन नहीं किया जाता है.कई जगहों पर लोग ट्रैफिक नियंत्रण करने के लिए ईंट व सीमेंट की मदद से डीआईवाई बंप्स (हाथ से बने स्पीड ब्रेकर) बना देते हैं.



