


Ghatshila. गालूडीह में आदिवासी समाज ने समाज में एकजुटता का संदेश दिया. इसे लेकर माघ बोंगा मनाया. माघ बोंगा पेड़ा नेवता पूजा कर सामूहिक वनभोज किया. इस अवसर पर गांव में किसी के घर में चूल्हा नहीं जला.सभी ने एक साथ चिटाबांध के पास खुले में वन भोज किया और मिलन समारोह में शामिल हुए. ग्रामीणों ने माघ बोंगा पेड़ा नेवता पूजा कर वनभोज मनाया. नायके करण मुर्मू ने पूजा की. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सुख-शांति के लिए ग्रामीण इस दिन एक साथ नया साल मनाते हैं. उन्होंने बताया कि यह पूजा पूर्वजों के समय से करते आ रहे हैं. इस परंपरा को ग्रामीण आज भी निभा रहे हैं.
माघ बोंगा पेड़ा नेवता पूजा के दिन हर घर में दूर दराज से मेहमान पहुंचते है. इस दिन किसी के घर में चूल्हें नहीं जलते. गांव के मैदान में खिचड़ी बनाकर माघ बोंगा पेड़ा नेवता को खिचड़ी का प्रसाद चढ़ाते हैं. फिर समाज के लोग एक साथ बैठकर खिचड़ी खाते हैं. इसके बाद समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होती है.



