


नयी दिल्ली. देश में प्रमुख फसलों की बंपर पैदावार को देखते हुए सरकार ने बुधवार को फसल वर्ष 2024-25 के लिए अपने खाद्यान्न उत्पादन अनुमान को संशोधित कर रिकॉर्ड 35 करोड़ 39.5 लाख टन कर दिया. इसमें अकेले गेहूं का उत्पादन 11 करोड़ 75 लाख टन रहने का अनुमान है. संशोधित अनुमानों में गेहूं, चावल, मक्का और कई तिलहनों के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दिखाई गई है. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश ने धान, गेहूं, मक्का, मूंगफली और सोयाबीन सहित प्रमुख फसलों के उत्पादन में ‘रिकॉर्ड वृद्धि’ हासिल की है. चौहान ने कहा, ‘कुल मिलाकर खाद्यान्न उत्पादन लगातार बढ़ रहा है.
दलहन और तिलहन उत्पादन को और बढ़ाना होगा, जिसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं. मंत्री ने खरीफ सत्र के दौरान बुवाई के रकबे में उल्लेखनीय वृद्धि और धान, मक्का, बाजरा, मूंग, सोयाबीन और गन्ना सहित प्रमुख फसलों की अधिक पैदावार का उल्लेख किया. तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, फसल वर्ष 2024-25 में गेहूं उत्पादन अनुमान को संशोधित कर 11.75 करोड़ टन कर दिया गया, जबकि पहले यह अनुमान 11.53 करोड़ टन का था पिछले साल गेहूं का उत्पादन 11.33 करोड़ टन का हुआ था. धान का उत्पादन रिकॉर्ड 14 करोड़ 90.7 लाख टन होने का अनुमान है, जो फसल वर्ष 2023-24 के 13 करोड़ 78.2 लाख टन से अधिक है, जबकि मक्का का उत्पादन चार करोड़ 22.8 लाख टन होने का अनुमान है. मोटे अनाज का उत्पादन 62.1 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है.
दलहनों का उत्पादन पिछले साल के दो करोड़ 42.4 लाख टन की तुलना में दो करोड़ 52.3 लाख टन होने का अनुमान है. इस श्रेणी में अरहर का उत्पादन 35.6 लाख टन, मूंग का 38.1 लाख टन और चने का एक करोड़ 13.3 लाख टन होने का अनुमान है.
तिलहन उत्पादन 4.26 करोड़ टन होने का अनुमान है, जो पिछले साल के तीन करोड़ 96.6 लाख टन के उत्पादन से अधिक है मूंगफली का उत्पादन रिकॉर्ड एक करोड़ 18.9 लाख टन और सोयाबीन का एक करोड़ 51.8 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि रैपसीड-सरसों का 1.26 करोड़ टन का उत्पादन होने का अनुमान है.
चौहान ने इस मजबूत प्रदर्शन का श्रेय उचित मूल्य निर्धारण, नुकसान के लिए भरपाई, कम ब्याज वाले ऋण और विभिन्न कृषि योजनाओं सहित सरकारी नीतियों को दिया, जिन्होंने देश के भंडार को भरने में मदद की है.



