


Ranchi. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को अपने पिता और ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन की 82वीं जयंती पर एक अत्यंत भावुक संदेश साझा किया। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए अपने पिता के संघर्षों को याद करते हुए उन्हें अपना सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने लिखा “आज, मेरे बाबा, दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की जन्मजयंती है। यह मेरे लिए महज एक महान नेता का जन्मदिन नहीं है, बल्कि उस पिता की याद है जिन्होंने मुझे जीवन जीने की कला सिखाई, संघर्ष करना सिखाया और सबसे महत्वपूर्ण, बिना झुके अपनी गरिमा, मूल्यों और सच्चाई पर अडिग रहना सिखाया।”
अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए हेमंत सोरेन ने आगे कहा “बाबा ने पूरे जीवन अन्याय के सामने कभी सिर नहीं झुकाया। उन्होंने जल, जंगल, जमीन और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। मैंने उन्हें कई बार थका हुआ देखा, लेकिन टूटते कभी नहीं देखा। उनकी वो अटूट इच्छाशक्ति और दृढ़ता आज भी मेरे अंदर जीवित है।”
उन्होंने भावुक हुए होते हुए लिखा “एक पुत्र के नाते मैंने उनसे सादगी सीखी, मुश्किलों से कभी पीठ न दिखाने का साहस सीखा, और सत्ता को हमेशा जन-सेवा का माध्यम मानना सीखा। बाबा, आपके दिखाए मार्ग पर, आपके दिए आदर्शों पर मैं जीवन भर चलता रहूँगा, चाहे कितनी भी चुनौतियाँ आएँ। जय झारखंड! जय दिशोम गुरु! आपकी स्मृति हमेशा अमर रहे।”
गुरुजी के पूर्व आवास पहुंचकर किया नमन
आदिवासी अस्मिता और झारखंड आंदोलन के प्रतीक दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मोरहाबादी स्थित गुरुजी के पूर्व आवास पहुंचकर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गुरुजी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उनके योगदान को स्मरण किया।
मुख्यमंत्री के साथ उनकी माता रूपी सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन और परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंत्री हफीजुल हसन, सुदिव्य कुमार, राज्यसभा सांसद जोबा माजी, झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता विनोद पांडे और सुप्रियो भट्टाचार्य सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने गुरुजी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।



