


Jamshedpur. बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन आडिटोरियम में सर्वोदय समिति के द्वारा साझी शहादत साझी विरासत विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस आयोजन में मुख्य अतिथि पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज देश जहरीले दौर से गुजर रहा है। देश में घृणा, नफरत विद्वेष समाज को तोड़ने की साजिश हो रही है। उन्होंने कहा कि साझी शहादत साझी विरासत काफी गंभीर विषय है और आज देश इस दौर से गुजर रहा है। आज देश की स्वतंत्रता में सभी लोगों ने अपनी कुर्बानियां दी। उस समय कोई किसी का जाति न किसी का धर्म पूछता था. सभी धर्म जाति के लोगों ने मिलकर देश की आज़ादी के लिए शहादत दी.
पूर्व सांसद ने झारखंड गठन, विकास, छात्र आंदोलनों और आरक्षण व्यवस्था को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अलग राज्य बनने के करीब 26 वर्ष बाद भी आंदोलनकारियों और शहीदों के सपने पूरी तरह साकार नहीं हो सके हैं। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा से समृद्ध होने के बावजूद झारखंड अपनी क्षमता के अनुरूप विकास नहीं कर पाया। वहीं बिहार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में आधारभूत संरचना, कानून-व्यवस्था और विकास के क्षेत्र में प्रगति की है।
आनंद मोहन ने झारखंड के पिछड़ेपन के लिए राजनीतिक नेतृत्व के साथ प्रबुद्ध वर्ग की निष्क्रियता को भी जिम्मेदार बताया।छात्र आंदोलनों पर उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण आंदोलनों का सम्मान होना चाहिए।आरक्षण पर उन्होंने सुझाव दिया कि आरक्षण का लाभ लेकर उच्च पदों तक पहुंच चुके लोगों के परिवारों को आरक्षण से बाहर करने पर विचार होना चाहिए, ताकि इसका लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके। उन्होंने झारखंड के विकास मॉडल और सामाजिक न्याय की नीतियों की समीक्षा की आवश्यकता जताई।

