



Jamshedpur. डिमना लेक के प्रतिबंधित जलाशय में एमजीएम मेडिकल कॉलेज के दो जूनियर डॉक्टरों- डॉ. सक्षम सिंह और डॉ. समीर कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। डॉ. समीर कुमार के पिता के बाद अब डॉ. सक्षम सिंह के पिता सत्येंद्र कुमार सिंह ने भी बोड़ाम थाने में लिखित आवेदन देकर इसे सुनियोजित हत्या करार दिया है। परिजनों ने डॉ. यश, डॉ. सचिन तथा उनके अन्य सहकर्मियों पर गहरी साजिश रचकर दोनों डॉक्टरों की हत्या करने और साक्ष्य मिटाने की नीयत से शवों को जलाशय में फेंकने का आरोप लगाया है।
पलामू जिले के तरहसी थाना क्षेत्र निवासी सत्येंद्र कुमार सिंह के अनुसार, उनके 23 वर्षीय पुत्र सक्षम सिंह ने हाल ही में एमबीबीएस पूरा कर एमजीएम अस्पताल में इंटर्नशिप शुरू की थी। शिकायत में दावा किया गया है कि 24 जुलाई की देर रात डॉ. यश और डॉ. सचिन अपने अन्य साथियों के साथ हॉस्टल पहुंचे और सक्षम को बहला-फुसलाकर डिमना लेक ले गए।आरोप है कि वहां पूर्व नियोजित साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी गई। इससे पहले सक्षम के पिता की शिकायत पर पुलिस ने अस्वाभाविक मौत दर्ज की थी, जिसे अब परिजनों ने हत्या के मामले में बदलने की मांग की है।


