


महिला दिवस पर स्वच्छ हवा और महिला नेतृत्व पर संवाद, 15 परिवारों को उन्नत चूल्हा वितरितजमशेदपुर
“सोचने से नहीं, करने से बदलाव आता है। परेशानियाँ और चुनौतियाँ हर व्यक्ति के सामने अलग-अलग रूप में आती हैं, लेकिन जीत उसी की होती है जो उनसे लड़ने का साहस रखता है।” यह बातें पद्मश्री छुटनी महतो ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कही।
शनिवार को आदर्श सेवा संस्थान, नेशनल डोमेस्टिक वर्कर फोरम, असर, एक्शन ऐड संस्था के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वच्छ हवा, स्वच्छ रसोई और महिलाओं की नेतृत्वकारी भूमिका पर संवाद किया गया। कार्यक्रम में समुदाय की महिलाएँ, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय हितधारक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
मुख्य अतिथि पद्मश्री छुटनी महतो ने अपने संबोधन में अपने संघर्ष की कहानी साझा करते हुए बताया कि जब उन्होंने डायन कुप्रथा के खिलाफ आवाज उठाई, तो उन्हें कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उस समय कई जगहों पर उनकी शिकायत तक नहीं सुनी जाती थी, लेकिन उन्होंने संघर्ष जारी रखा। आज उसी संघर्ष का परिणाम है कि जिन थानों में पहले उनकी बात नहीं सुनी जाती थी, वहीं आज बड़े-बड़े पुलिस अधिकारी उन्हें सम्मान की नजर से देखते हैं और सलाम करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान स्वच्छ रसोई पहल के तहत चयनित 15 परिवारों को उन्नत चूल्हा (इम्प्रूव्ड कुकस्टोव) वितरित किया गया। ये चूल्हे सीधा एनजीओ (सोशल इंसिएटिव थ्रू डेवलपमेंट एंड ह्यूमनेटेरिएन एक्शन) की ओर से समुदाय के चयनित परिवारों को प्रदान किए गए। लाभुक परिवारों का चयन समुदाय के साथ संवाद और घर-घर किए गए सर्वेक्षण के आधार पर किया गया था। उन्नत चूल्हों के उपयोग से पारंपरिक चूल्हों से निकलने वाले धुएं में कमी आएगी और घर के अंदर होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि घरेलू वायु प्रदूषण का सबसे अधिक असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है, क्योंकि वे रसोई में अधिक समय बिताते हैं। ऐसे में स्वच्छ और सुरक्षित खाना पकाने के विकल्पों को बढ़ावा देना जरूरी है।
कार्यक्रम में विषय प्रवेश आदर्श सेवा संस्थान की सचिव प्रभा जायसवाल ने कराते हुए महिला और बच्चों के लिए किए गए संघर्ष और कार्य को बताया. वहीं शहर की प्रतिष्ठित महिला सामाजिक कार्यकर्ता महिला कल्याण समिति की अंजलि बोस सुलोचना, सबिता हेमब्रम ने भी अपनी बातों को साझा किया।
आदर्श सेवा संस्था की अध्यक्ष डॉ निर्मला शुक्ला ने कहा कि वायु प्रदूषण केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय से भी जुड़ा विषय है। इसलिए इसके समाधान के लिए सामुदायिक भागीदारी और महिलाओं के नेतृत्व को बढ़ावा देना आवश्यक है। कार्यक्रम में पूरबी घोष, बर्नाली चक्रवर्ती, अर्पिता श्रीवास्तव, अन्नी अमृता, लक्खी दास, उषा महतो, एम अरविंदा, रीना मौजूद रही।
कार्यक्रम में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर एक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें स्वच्छ हवा के लिए सक्रिय महिलाओं और वायु वीरों ने अपने अनुभव साझा किए। वहीं असर संस्था की अंकिता ज्योति ने कहा कि स्वच्छ हवा और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सरकार, सामाजिक संस्थाओं और समुदाय के बीच मजबूत साझेदारी जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने कहा कि आदर्श सेवा संस्थान आगे भी समुदाय के साथ मिलकर स्वच्छ हवा, स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता अभियान चलाता रहेगा। कार्यक्रम का संचालन चंदन जायसवाल ने किया।




