

जमशेदपुर। पूर्व सैनिक सेवा परिषद, पूर्वी सिंहभूम जिला इकाई की मासिक बैठक शनिवार को रेड क्रॉस भवन, साकची में हुई। बैठक में संगठन की पिछली गतिविधियों की समीक्षा के साथ आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। इस दौरान पूर्व सैनिकों के रोजगार, पुनर्वास और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठे।
8 अक्टूबर को धूमधाम से मनाया जाएगा वायुसेना दिवस
बैठक में आगामी 8 अक्टूबर को वायुसेना दिवस आयोजित करने का निर्णय लिया गया। परिषद के सदस्यों ने संगठन को मजबूत बनाने के लिए नियमित मासिक सहयोग राशि जमा करने और अधिक से अधिक सदस्यों को बैठकों में सक्रिय रूप से शामिल होने का आग्रह किया।
सदस्यों ने संगठन की कार्यप्रणाली में रह गई कमियों को दूर करने तथा पूर्व सैनिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाने पर भी चर्चा की।
निजी सुरक्षा क्षेत्र में रोजगार के अवसर घटने पर चिंता
बैठक में पूर्व सैनिकों के रोजगार और पुनर्वास का मुद्दा सबसे प्रमुख रहा। सदस्यों ने कहा कि सैन्य सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक अपने परिवार के साथ जमशेदपुर में सम्मानजनक जीवन बिताना चाहते हैं। इसके लिए उनके अनुभव और योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध होना जरूरी है।
परिषद ने चिंता जताई कि शहर की निजी सुरक्षा एजेंसियों और टाटा स्टील की सुरक्षा व्यवस्था में लागत कम करने के उद्देश्य से पूर्व सैनिकों के स्थान पर कम वेतन पर सिविल कर्मियों की नियुक्ति की प्रवृत्ति बढ़ रही है। इससे पूर्व सैनिकों के पुनर्वास के अवसर सीमित हो रहे हैं।
अनुशासन और सुरक्षा अनुभव को बताया महत्वपूर्ण
परिषद के सदस्यों ने कहा कि पूर्व सैनिक कठिन सैन्य सेवा के बाद अनुशासन, जिम्मेदारी, समर्पण और सुरक्षा व्यवस्था का लंबा अनुभव लेकर सेवानिवृत्त होते हैं। ऐसे अनुभवी लोगों को रोजगार से बाहर किए जाने से न केवल उनके अवसर प्रभावित होते हैं, बल्कि कई प्रतिभावान पूर्व सैनिक रोजगार की तलाश में शहर से बाहर जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
परिषद ने जनप्रतिनिधियों और निजी सुरक्षा एजेंसियों के पदाधिकारियों से आग्रह किया कि सुरक्षा की गुणवत्ता से समझौता किए बिना पूर्व सैनिकों के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
टाटा मुख्य अस्पताल को फिर इम्पैनल करने की मांग
बैठक में पूर्व सैनिकों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सदस्यों ने कहा कि जमशेदपुर जैसे बड़े शहर में पूर्व सैनिकों के लिए वर्तमान में ब्रह्मानंद और एएसजीआई हॉस्पिटल के अलावा अन्य प्रमुख इम्पैनल अस्पतालों की सुविधा सीमित है।
सदस्यों के अनुसार, टाटा मुख्य अस्पताल पहले पूर्व सैनिकों के लिए इम्पैनल था, लेकिन तकनीकी कारणों से इसका नवीनीकरण नहीं हो सका। परिषद ने मांग की कि इस मामले पर पुनर्विचार करते हुए टाटा मुख्य अस्पताल को पूर्व सैनिकों के लिए दोबारा इम्पैनल किया जाए।
परिषद ने कहा कि टाटा घराना हमेशा राष्ट्रहित और समाजहित को प्राथमिकता देता रहा है। ऐसे में पूर्व सैनिकों के स्वास्थ्य हित में भी सकारात्मक पहल की उम्मीद है।
सुशील कुमार सिंह ने किया संचालन
बैठक का संचालन जिला सचिव सुशील कुमार सिंह ने किया। अध्यक्षता राजीव रंजन ने की, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कमल शुक्ला ने किया।
बैठक को सफल बनाने में विजय शंकर पांडेय, अभय सिंह, विजेंद्र सिंह, ब्रजकिशोर सिंह, राजेश कुमार, विजय त्रिपाठी, शिव शंकर चक्रवर्ती, कन्हैया कुमार, रामाशंकर यादव, गणेश राव, संजीव वर्मा, प्रमोद कुमार, शत्रुघ्न प्रसाद शाह, चंदन सिंह, ज्योतिर्मय शाह, सुरेंद्र मौर्य, शेख अनवर, जावेद हुसैन, मकबूल आलम, जावेद खान, सतनाम सिंह, अशोक श्रीवास्तव, महेश कुमार, डीके लंका सहित अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

