जमशेदपुर।
भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा अभिनव ग्रीनहाउस मॉनिटरिंग (आई०टी०) डिवाइस को डिजाइन पेटेंट की मान्यता मिली। डिज़ाइन पेटेंट की स्वीकृति के पश्चात यह डिवाइस अब निर्माण चरण में प्रवेश करेगा, जिसके लिए एक विनिर्माण साझेदार के साथ सहयोग किया जाएगा।
इस परियोजना को दस भारतीय वैज्ञानिकों की एक संयुक्त टीम ने विकसित किया है जिस में करीम सिटी कॉलेज के रसायन विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ अली जान हुसैन भी शामिल हैं। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ मोहम्मद रेयाज ने डॉ अली जान हुसैन को बधाई दी और अपने कार्यालय में उन्हें सम्मानित किया।
डॉ अली जान हुसैन ने अपनी इस उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि -जैसे दुनिया लगातार बढ़ते ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन — जो वैश्विक तापवृद्धि का प्रमुख कारण है — से जूझ रही है, यह नवाचार एक प्रभावशाली समाधान प्रस्तुत करता है। यह डिवाइस विभिन्न ग्रीनहाउस गैसों के क्षेत्रीय स्रोतों की पहचान करने और उनकी सांद्रता को वास्तविक समय (रियल टाइम) में मापने में सक्षम है। इससे पर्यावरणीय स्थितियों की त्वरित और सटीक निगरानी संभव होगी, जो नीतियों और रोकथाम उपायों को तैयार करने में सहायक सिद्ध होगा।
डॉ अली हुसैन को इसी वर्ष अप्रैल में इंटरनेशनल बेनिवॉलेंट रिसर्च फाउंडेशन द्वारा यंग साइंटिस्ट अवार्ड 2025 दिया गया। इसके पहले उन्हें जूनियर रिसर्च अवॉर्ड तथा यंग रिसर्च अवॉर्ड भी मिल चुका है।
अभी वे स्प्रिंगजर नेचर डिस्कवर एटमॉस्फेयर में अतिथि संपादक के रूप में भी अपने योगदान दे रहे हैं। डॉ हुसैन ने अपनी इन सफलताओं का श्रेय अपने रिसर्च गाइड डॉ बलराम अम्बाडे तथा अपने प्राचार्य डॉ मोहम्मद रेयाज को दिया। प्राचार्य ने डॉ हुसैन को दुआएं दी और उनपर कॉलेज को गर्व होने की बात कही। डॉ मोहम्मद जकरिया (निर्देशक करीम ट्रस्ट ) ने भी डॉ अली के उज्जवल भविष्य के लिए बधाई दी और कहा इतने कम समय में इन सफलताओं को प्राप्त करना बहुत बड़ी उपलब्धि है।