


Jamshedpur: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर के धातुकर्म एवं पदार्थ अभियांत्रिकी विभाग के शोधार्थी कमल बहादुर यादव ने “Development of Bio-active Coating on Bio-implant” विषय पर अपना पीएचडी शोध सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया। उनका शोध कार्य विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. रेणु कुमारी के निर्देशन में संपन्न हुआ। यह शोध बायोमेडिकल इम्प्लांट की सतह, टिकाऊपन और जैविक अनुकूलता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया गया।
ऑनलाइन हुई पीएचडी डिफेंस, विशेषज्ञों ने की सराहना
पीएचडी डिफेंस का मूल्यांकन धातुकर्म एवं पदार्थ अभियांत्रिकी विभाग की प्रोफेसर प्रो. ज्योत्सना मजूमदार ने बाह्य परीक्षक के रूप में ऑनलाइन माध्यम से किया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर शेखर चौधरी, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रीना साहू, सहायक प्राध्यापक डॉ. बिनय कुमार, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की डॉ. दुलारी हांसदाह, विभागीय अनुसंधान समिति के सदस्य, संकाय सदस्य और शोधार्थी उपस्थित रहे।
बायोमेडिकल इम्प्लांट के लिए विकसित की उन्नत बायोएक्टिव कोटिंग
शोध का मुख्य उद्देश्य Ti-6Al-4V मिश्रधातु पर एक उन्नत फंक्शनली ग्रेडेड HA-Al₂O₃-TiO₂ कोटिंग विकसित करना था। इस कोटिंग में हाइड्रॉक्सीएपेटाइट (HA), एल्यूमिना (Al₂O₃) और टाइटेनियम डाइऑक्साइड (TiO₂) को क्रमिक संरचना (Graded Composition) में शामिल किया गया, जिससे इम्प्लांट की सतह और आधार धातु के बीच बेहतर इंटरफेशियल संगतता प्राप्त हो सके।
यह तकनीक पारंपरिक बायोमेडिकल इम्प्लांट से जुड़ी प्रमुख समस्याओं जैसे कम सतही जैव सक्रियता, घिसाव (Wear), जंग (Corrosion) और दीर्घकालिक प्रदर्शन की सीमाओं को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में दूरगामी प्रभाव की संभावना
शोध में विकसित बायोएक्टिव कोटिंग प्रणाली ने यह संकेत दिया कि धातु आधारित बायोमेडिकल इम्प्लांट की सेवा आयु (Service Life) और जैविक प्रदर्शन (Biological Performance) को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी उन्नत सतह तकनीक भविष्य में इम्प्लांट की शरीर के साथ बेहतर एकीकरण (Implant Integration) में सहायक हो सकती है।
यदि इस तकनीक का व्यापक उपयोग होता है, तो इम्प्लांट फेल होने की संभावना कम हो सकती है, बार-बार होने वाली रिवीजन सर्जरी की आवश्यकता घट सकती है और मरीजों के उपचार परिणामों में सुधार संभव है।
NIT जमशेदपुर में उन्नत अनुसंधान की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि
यह शोध कार्य बायोमेडिकल अनुप्रयोगों के लिए उन्नत सर्फेस इंजीनियरिंग (Surface Engineering) समाधान विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है। साथ ही, यह फंक्शनली ग्रेडेड सिरेमिक कोटिंग की क्षमता को भी रेखांकित करता है, जो धातु आधारित इम्प्लांट के प्रदर्शन और दीर्घायु को बेहतर बनाने में प्रभावी साबित हो सकती है।

