

जमशेदपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर की ओर से होटल रेडिसन, जमशेदपुर में मिनी इंडस्ट्री-अकादमिया कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन किया गया। कॉन्क्लेव की थीम “अनुसंधान, नवाचार, परीक्षण एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के माध्यम से उद्योगों का सशक्तीकरण” रही।
कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योग और अकादमिक संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करना तथा NIT जमशेदपुर की अनुसंधान, नवाचार, परीक्षण एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण क्षमताओं को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप विकसित करना था।
उद्योग और अकादमिक जगत के सहयोग को बताया जरूरी
कार्यक्रम में लेदर्स के शेखर डे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नवाचार की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। व्यावहारिक, विस्तार योग्य और उद्योगोन्मुख समाधान विकसित करने के लिए उद्योग और अकादमिक जगत के बीच मजबूत सहयोग बेहद जरूरी है।
NIT जमशेदपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार ने सभी अतिथियों, उद्योग प्रतिनिधियों, संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं और प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह कॉन्क्लेव अकादमिक जगत और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि NIT जमशेदपुर उद्योगों, विशेष रूप से MSME क्षेत्र, के लाभ के लिए अनुसंधान, नवाचार, परीक्षण, परामर्श और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्थान की अनुसंधान सुविधाएं और तकनीकी विशेषज्ञता औद्योगिक चुनौतियों के समाधान के साथ नए सहयोग के अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
औद्योगिक चुनौतियों के समाधान पर जोर
प्रो. सतीश कुमार, डीन (रिसर्च एंड कंसल्टेंसी), NIT जमशेदपुर ने वास्तविक औद्योगिक चुनौतियों के समाधान के लिए संरचित उद्योग सहभागिता और सहयोगात्मक अनुसंधान के महत्व पर प्रकाश डाला।
डॉ. तुषार बनर्जी ने इंडस्ट्रियल प्रॉब्लम सबमिशन पोर्टल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से उद्योग अपनी तकनीकी और प्रौद्योगिकीय समस्याओं को संस्थान के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके बाद अनुसंधान और परामर्श के माध्यम से संभावित समाधान विकसित किए जा सकते हैं।
डॉ. दीपक कुमार ने NIT जमशेदपुर की अनुसंधान क्षमताओं, विशेषज्ञता और वर्तमान परीक्षण सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न वित्तपोषण एजेंसियों के सहयोग से विकसित की जा रही आगामी सुविधाओं के बारे में भी बताया।
टाटा स्टील, JSW, RSB Transmission और Vedanta के प्रतिनिधि शामिल
कॉन्क्लेव में स्थानीय और बड़े उद्योगों के करीब 55 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें टाटा स्टील, JSW, RSB Transmission और Vedanta सहित अन्य प्रमुख उद्योगों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
उद्योग प्रतिनिधियों ने अपनी आवश्यकताओं, तकनीकी चुनौतियों और अपेक्षाओं को साझा किया। साथ ही, उन्होंने NIT जमशेदपुर से अपेक्षित सुविधाओं और सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
कॉन्क्लेव के दौरान उद्योगों की जरूरतों और संस्थान की तकनीकी क्षमताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष चर्चा हुई। अनुसंधान, नवाचार, परीक्षण, प्रौद्योगिकी विकास और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के माध्यम से स्थानीय एवं क्षेत्रीय औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
नए सहयोग और ठोस परिणाम की उम्मीद
कार्यक्रम का समन्वय डॉ. (श्रीमती) दुलारी हांसदा और डॉ. तितास मुखोपाध्याय ने किया। कार्यक्रम का समापन एसोसिएट डीन, R&C डॉ. स्वागतो देव साहू के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
NIT जमशेदपुर की ओर से उम्मीद जताई गई कि कॉन्क्लेव के माध्यम से उद्योग और संस्थान के बीच नए सहयोग के रास्ते खुलेंगे तथा औद्योगिक जरूरतों पर आधारित अनुसंधान और तकनीकी समाधान को बढ़ावा मिलेगा।


