



जमशेदपुर। सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SCCI) ने प्रस्तावित धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को गति देने के लिए झारखंड सरकार से शीघ्र कार्रवाई का आग्रह किया है। चैंबर के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को जमशेदपुर वन प्रमंडल के वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) सबा आलम अंसारी से मुलाकात कर परियोजना से संबंधित वन भूमि हस्तांतरण (Forest Land Diversion) के लंबित बिंदुओं की प्रगति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री को भेजा गया पत्र, समयबद्ध कार्रवाई की मांग
SCCI ने बताया कि उसने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर वन विभाग और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया है, ताकि 99.256 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण प्रस्ताव (FP/JH/Others/41404/2019) से जुड़ी प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो। चैंबर का कहना है कि परियोजना राज्य के औद्योगिक, व्यापारिक और आर्थिक विकास से सीधे जुड़ी हुई है।
AAI ने अधिकांश बिंदुओं का अनुपालन किया
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने 9 जुलाई 2026 के पत्र के माध्यम से केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) द्वारा उठाए गए 19 बिंदुओं में से अधिकांश पर बिंदुवार अनुपालन प्रस्तुत कर दिया है। इसमें परिचालन क्षेत्र का विवरण, संशोधित लागत-लाभ विश्लेषण, KML फाइलें, जल-विज्ञान अध्ययन, वन्यजीव प्रबंधन योजना, मृदा संरक्षण उपाय और अन्य तकनीकी दस्तावेज शामिल हैं। AAI ने संबंधित दस्तावेज PARIVESH पोर्टल पर भी अपलोड कर दिए हैं।
वन विभाग के स्तर पर लंबित थे कुछ महत्वपूर्ण बिंदु
SCCI के अनुसार, कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां ऐसी थीं जिन्हें केवल जमशेदपुर वन प्रमंडल और राज्य वन विभाग ही उपलब्ध करा सकते थे। इनमें दस्तावेजित हाथी गलियारों (GAJAH) का विवरण, मानव-हाथी संघर्ष के आंकड़े, अनुसूची-I प्रजातियों की उपस्थिति, वन्यजीव आवास पर प्रभाव, DSS विश्लेषण तथा NTCA और Project Elephant से संबंधित परीक्षण शामिल थे।
DFO ने दी प्रगति की जानकारी
बैठक के दौरान DFO सबा आलम अंसारी ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि सभी आवश्यक जानकारियां और जवाब तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिए गए हैं, ताकि राज्य वन विभाग और MoEF&CC स्तर पर आगे की कार्रवाई समय पर हो सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनके स्तर पर किसी प्रकार का विलंब नहीं होगा।
परियोजना से निवेश, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
SCCI अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि ढालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना केवल एक हवाई अड्डा परियोजना नहीं, बल्कि संपूर्ण सिंहभूम क्षेत्र और झारखंड के आर्थिक भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण अवसंरचनात्मक पहल है। उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई संपर्क से निवेश, उद्योग, पर्यटन और रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी, जबकि वर्तमान सोनारी एयरोड्रम आधुनिक वाणिज्यिक विमानन परिचालन की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम नहीं है।
उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वन प्रमंडल स्तर से भेजी गई जानकारी का शीघ्र परीक्षण कर PARIVESH पोर्टल पर अपलोड कराया जाए, ताकि परियोजना को स्टेज-I और स्टेज-II वन स्वीकृति समयबद्ध तरीके से मिल सके। SCCI ने राज्य सरकार, केंद्र सरकार और AAI को इस परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन भी दिया है।


