


जमशेदपुर।
खेल जगत से एक बेहद गौरवशाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय जूनियर हॉकी टीम को एशिया कप का चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नवल टाटा हॉकी एकेडमी (NTHA) जमशेदपुर के दो होनहार कैडेट्स, आशीष तानी पुति और प्रेमचंद सोय का शहर लौटने पर भव्य स्वागत किया गया। टाटा स्टील ने दोनों युवा हॉकी प्रतिभाओं की इस ऐतिहासिक सफलता पर उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया है।
जापान को हराकर 10 साल बाद भारत बना चैंपियन
जापान के ककामीगाहारा में आयोजित ‘पुरुष हॉकी अंडर-18 एशिया कप 2026’ में भारतीय टीम ने अपने शानदार और आक्रामक अभियान के बूते इतिहास रच दिया। फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने मेजबान जापान को 4-1 से करारी शिकस्त देकर पूरे 10 साल बाद अंडर-18 एशियाई खिताब अपने नाम किया। इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले कई युवा खिलाड़ी अब सीधे तौर पर राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की रडार पर आ गए हैं।
जमशेदपुर के खेल इकोसिस्टम की बड़ी सफलता
इस खास उपलब्धि पर नवल टाटा हॉकी एकेडमी परिसर में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर टाटा स्टील के कॉर्पोरेट सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट (VP) डी बी सुंदरा रामम, स्पोर्ट्स अधिकारी, कोच और खेल जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। खिलाड़ियों को बधाई देते हुए डी बी सुंदरा रामम ने कहा कि आशीष और प्रेमचंद की यह अंतरराष्ट्रीय सफलता जमशेदपुर के मजबूत खेल इकोसिस्टम, कोचों के कड़े मार्गदर्शन और खिलाड़ियों की अटूट लगन का परिणाम है। उन्होंने दोहराया कि टाटा स्टील जमीनी स्तर से खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें वैश्विक मंच प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
झारखंड के आशीष बने टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर
एनटीएचए के डेवलपमेंट प्रोग्राम का हिस्सा रहे दोनों खिलाड़ियों ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी खेल तकनीक से सबको प्रभावित किया है।
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आशिश तानी पुति: झारखंड के रहने वाले इस धाकड़ डिफेंडर ने पूरे टूर्नामेंट में न सिर्फ बेहतरीन रक्षापंक्ति संभाली, बल्कि वह इस पूरे एशिया कप के ‘टॉप गोल स्कोरर’ (सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी) भी बने।
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प्रेमचंद सोय: उन्होंने मिडफील्ड में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपनी रणनीतिक सूझबूझ और बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन से उन्होंने भारतीय टीम की जीत की राह आसान की।
कोचिंग स्टाफ और ग्राउंड लेवल इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना
समारोह के दौरान उन कोचों और सपोर्ट स्टाफ के अमूल्य योगदान को भी सराहा गया जिन्होंने इन खिलाड़ियों के करियर को आकार देने में दिन-रात एक किया। टाटा स्टील ने स्पष्ट किया कि कंपनी आने वाले समय में भी विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा, आधुनिक कोचिंग और बेहतरीन कॉम्पिटिटिव एक्सपोजर देकर देश को ऐसे ही इंटरनेशनल चैंपियन खिलाड़ी देती रहेगी।



