जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नए मरीजों की समय पर पहचान करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘मेरी दोस्ती तुमसे’ (एमडीटी) अभियान के चौथे दिन बुधवार को पटमदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नि:शुल्क चर्मरोग जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में सहियाओं द्वारा चिह्नित 23 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई, जिनमें एक नए कुष्ठ रोगी की पुष्टि हुई। पुष्टि के बाद मरीज को नि:शुल्क मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी) दवाएं उपलब्ध कराई गईं।

सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के निर्देश पर आयोजित इस शिविर में स्वास्थ्यकर्मियों को कुष्ठ रोग के लक्षण, उपचार और समय पर पहचान के महत्व की जानकारी भी दी गई।

शरीर पर सुन्न दाग दिखाई दे तो कराएं जांच
जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो ने बताया कि शरीर पर ऐसा दाग, जिसमें संवेदना कम हो गई हो या सुन्नपन महसूस होता हो, कुष्ठ रोग का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिना देरी किए चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग न तो कोई अभिशाप है और न ही पिछले जन्म के पाप का परिणाम। यह जीवाणु से होने वाली बीमारी है, जिसका प्रभावी उपचार उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग का इलाज सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में नि:शुल्क उपलब्ध है। समय पर पहचान और उपचार शुरू करने से रोग के कारण होने वाली दिव्यांगता का जोखिम कम किया जा सकता है।
23 संदिग्ध मरीजों की जांच, एक में कुष्ठ रोग की पुष्टि
पटमदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित शिविर में सहियाओं द्वारा खोजे गए 23 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई।
जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो और एमपीडब्ल्यू जन्मेजय महतो ने मरीजों की जांच की। इस दौरान एक नए कुष्ठ रोगी की पुष्टि होने पर उसे नि:शुल्क एमडीटी दवा उपलब्ध कराई गई।
शिविर में आठ मरीजों को एमसीआर चप्पल तथा दो मरीजों को सेल्फ केयर किट भी प्रदान की गई।
एमसीआर चप्पल का उपयोग विशेष रूप से पैरों में संवेदना कम होने की स्थिति में दबाव और चोट से बचाव के लिए किया जाता है।
स्वास्थ्यकर्मियों को दी गई कुष्ठ रोग की जानकारी
जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. रंजीत कुमार पांडा ने उपस्थित सहिया, सहिया साथी, बीएएफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को अभियान के उद्देश्यों तथा जागरूकता गतिविधियों के बारे में बताया।
उन्होंने कुष्ठ रोग के संदिग्ध मरीजों की पहचान और उन्हें जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
एमपीडब्ल्यू जन्मेजय महतो ने कुष्ठ प्रभावित व्यक्तियों के लिए नियमित सेल्फ केयर के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा (रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी) से कुष्ठ रोग के कारण उत्पन्न शारीरिक विकृतियों में सुधार किया जा सकता है।
इसके अलावा सहियाओं को कुष्ठ रोगियों की पहचान और उपचार से संबंधित विभागीय प्रोत्साहन राशि के बारे में भी जानकारी दी गई।
100 दिवसीय अभियान से कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने का लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, ‘मेरी दोस्ती तुमसे’ अभियान के अंतर्गत जिले में कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता फैलाने, संदिग्ध मरीजों की पहचान करने और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
अभियान के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि कुष्ठ रोग पूरी तरह उपचार योग्य है। मरीजों के प्रति भेदभाव करने के बजाय उन्हें जांच और इलाज के लिए प्रोत्साहित करना आवश्यक है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि शरीर पर सुन्न दाग या कुष्ठ रोग से संबंधित अन्य लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।

