



Jamshedpur. जमशेदपुर में स्वर्णरेखा और खरकई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जिला प्रशासन ने स्वर्णरेखा और खरकई नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया है। दोपहर में जलस्तर घटने के बावजूद दोनों नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही थीं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मानगो पुल के पास स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर 122.78 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 121.50 मीटर है। वहीं, आदित्यपुर पुल के पास खरकई नदी 133.70 मीटर पर बह रही थी, जो खतरे के निशान 129 मीटर से 4.70 मीटर अधिक है। उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया, ‘दोनों नदियां बीती रात से खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।’’
उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और निचले इलाकों तथा जलग्रहण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया गया है। प्रभावित इलाकों के लोगों को बागबेड़ा स्थित एक स्कूल परिसर में बनाए गए राहत शिविर में जाने की सलाह दी गई है। बागबेड़ा में कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
वहीं, जमशेदपुर के अन्य इलाकों जैसे भाटिया पार्क और शास्त्रीनगर में भी जलभराव की खबरें मिली हैं। लोग अपने सामान और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित जलस्तर बढ़ने से बागबेड़ा, नया बस्ती, कदमा, सोनारी और मानगो सहित कई निचले इलाकों के घरों तक पानी पहुंच गया है। लोग अपने सामान और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
लगातार हो रही बारिश और कई बांधों के फाटक खोले जाने के कारण दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रहा है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और नदियों के जलस्तर की नियमित निगरानी कर रहा है। इसका उद्देश्य पानी बढ़ने की स्थिति में प्रभावित इलाकों के लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना है।

