


Ranchi. झारखंड में 24 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र को लेकर रांची के ATI सभागार में आज सत्ताधारी दल के विधायकों की बैठक हुई. इस बैठक में सीएम हेमंत सोरेन, कांग्रेस प्रभारी के राजू सहित जेएमएम, कांग्रेस, राजद और सीपीआई माले के विधायक शामिल हुए. सत्ता पक्ष ने बजट सत्र को लेकर विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने की रणनीति बनाई. बैठक में सत्तारूढ़ विधायक दल के नेता के रूप में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने न सिर्फ मंत्रियों बल्कि सभी विधायकों से भी पूरी तैयारी के साथ सत्र में शामिल होने की अपील की.
उन्होंने कहा कि विपक्ष के हर सवाल का जवाब सत्ताधारी दल के मंत्री देंगे. इसके लिए उन्हें पूरी तैयारी के साथ सदन में आने का भी निर्देश दिया गया है. वहीं, संसदीय कार्यमंत्री और वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बजट सत्र के सभी कार्यदिवस के दौरान सत्ताधारी दल के सभी विधायकों को सदन में मौजूद रहने को कहा क्योंकि इस सत्र के दौरान किसी भी वक्त वोटिंग की नौबत आ जाती है. उधर, विपक्ष ने भी बैठक कर रणनीति बनायी.
कांग्रेस की झारखंड इकाई ने 24 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र के लिए रणनीति पर रविवार को चर्चा की. यहां एक बैठक के दौरान राज्य कांग्रेस प्रभारी के राजू ने पार्टी विधायकों से सदन की कार्यवाही में सक्रिय रूप से भाग लेने को कहा. बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘सभी विधायकों से शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया. झारखंड का बजट तीन मार्च को पेश किया जाएगा और 20 दिवसीय सत्र का समापन 27 मार्च को होगा.
पिछले साल नवंबर में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाले गठबंधन के चुनाव जीतने के बाद हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार का यह पहला बजट होगा. राजू ने कहा, ‘‘विधायकों को जिला कांग्रेस समिति की मासिक बैठकों में भाग लेना होगा और संबंधित जिलों, आम लोगों और संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करनी होगी.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के 12 विधायकों को दो-दो जिले सौंपे गए हैं. झारखंड में जाति आधारित गणना की वकालत करते हुए राजू ने कहा कि सभी समुदायों को अपनी आर्थिक, सामाजिक-राजनीतिक और शैक्षणिक स्थिति के बारे में पता होना चाहिए.
कांग्रेस की झारखंड इकाई के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि पार्टी ने संगठन को मजबूत करने और आगामी शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की रणनीतियों पर भी चर्चा की.



