



Ranchi. झारखंड उच्च न्यायालय ने 2021 में धनबाद के तत्कालीन जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए दो आरोपियों की आजीवन कारावास की सजा को मंगलवार को बरकरार रखा। दोनों दोषियों ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ झारखंड उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी। न्यायमूर्ति रोंगोन मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने 22 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाया।
आदेश में कहा गया, ‘‘अपीलकर्ताओं का कृत्य अत्यंत गंभीर है और जिस दुस्साहस के साथ इसे अंजाम दिया गया, वह न्यायपालिका के लिए सीधी चुनौती है। इससे न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं भी सामने आई हैं। मामले के विस्तृत रिकॉर्ड के आधार पर अपीलकर्ताओं की संलिप्तता और दोष स्पष्ट रूप से सिद्ध होता है।’’
धनबाद के विशेष सीबीआई न्यायाधीश ने छह अगस्त 2022 को तत्कालीन जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की हत्या के मामले में दोषी लखन कुमार वर्मा और राहुल कुमार वर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। धनबाद में 28 जुलाई 2021 को जिला अदालत के पास रणधीर वर्मा चौक पर सुबह की सैर के दौरान न्यायाधीश आनंद को एक ऑटो-रिक्शा ने टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी।
सीसीटीवी फुटेज में दिखा था कि न्यायाधीश आनंद सड़क किनारे टहल रहे थे, तभी आगे की सीट पर दो लोगों को लेकर जा रहा एक ऑटो-रिक्शा अचानक उनकी ओर मुड़ा, पीछे से टक्कर मारकर मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल आनंद ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कराई थी। शुरुआत में इस मामले की जांच पुलिस ने की थी, लेकिन कोई ठोस सफलता नहीं मिलने पर तीन अगस्त 2021 को जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया गया था।


