


Ranchi. रविवार को आयोजित नीट-यूजी पुनर्परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को पिछली परीक्षा की तुलना में अधिक कठिन बताया। अधिकांश छात्रों के अनुसार, भौतिकी (फिजिक्स) का खंड सबसे चुनौतीपूर्ण और समय लेने वाला रहा। अभ्यर्थियों ने जीवविज्ञान (बायोलॉजी) को अपेक्षाकृत आसान और रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) को मध्यम स्तर का बताया, जबकि भौतिकी के प्रश्न लंबे और जटिल होने के कारण परीक्षा का सबसे कठिन हिस्सा रहे। कई अभ्यर्थियों ने इस आधार पर कट-ऑफ कम रहने की संभावना जताई। भौतिकी और रसायन विज्ञान दोनों ही अवधारणात्मक (कॉन्सेप्चुअल) प्रकृति के थे और इनमें कई प्रश्न लंबे तथा पेचीदा थे।
भौतिकी में पेपर कोड-50 के प्रश्न संख्या 26, जो यूनिट डाइमेंशन (इकाई और विमा) विषय पर आधारित था, उसके विकल्पों में सही उत्तर मौजूद नहीं है। इसलिए इस प्रश्न के लिए बोनस अंक दिए जाने की संभावना है।’’ प्रश्न गहन, गणनात्मक और अवधारणात्मक समझ की मांग करने वाले थे। कार्बनिक (ऑर्गेनिक) और अकार्बनिक (इनऑर्गेनिक) रसायन विज्ञान के प्रश्न भी तीन मई को आयोजित नीट परीक्षा की तुलना में अधिक कठिन थे। उन्होंने कहा, ‘रैंक का निर्धारण काफी हद तक भौतिकी और रसायन विज्ञान में प्रदर्शन के आधार पर होने की संभावना है। इसके विपरीत, जीवविज्ञान का खंड तीन मई की परीक्षा की तुलना में अपेक्षाकृत आसान रहा। जीवविज्ञान खंड में कक्षा 11 के विषयों से 52 प्रश्न पूछे गए, जबकि कक्षा 12 से 38 प्रश्न शामिल थे।
जीवविज्ञान के विषयों में मानव शरीर क्रिया विज्ञान (ह्यूमन फिजियोलॉजी) से सर्वाधिक 13 प्रश्न पूछे गए। इसके बाद पादप शरीर क्रिया विज्ञान (प्लांट फिजियोलॉजी) तथा आनुवंशिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी (जेनेटिक्स एवं बायोटेक्नोलॉजी) से 11-11 प्रश्न शामिल थे। कोशिका जीवविज्ञान (सेल बायोलॉजी) से नौ प्रश्न पूछे गए। कुल मिलाकर प्रश्नपत्र पिछली परीक्षा की तुलना में अधिक कठिन था।



