Close Menu
Lahar ChakraLahar Chakra
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) YouTube Instagram
    Lahar ChakraLahar Chakra
    • Home
    • Jamshedpur
    • State
      • Jharkhand
      • Bihar
    • National
    • Politics
    • Crime
    • Elections
    • Automobile
    Lahar ChakraLahar Chakra
    Home»Breaking News»NIT Jamshedpur :प्राचीन भारतीय विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के संगम पर मंथन, 15वीं राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ भव्य समापन
    Breaking News

    NIT Jamshedpur :प्राचीन भारतीय विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के संगम पर मंथन, 15वीं राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ भव्य समापन

    News DeskBy News DeskMarch 31, 2026Updated:March 31, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Email LinkedIn
    Follow Us
    Google News Flipboard
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Email

    जमशेदपुर। लौहनगरी जमशेदपुर की प्रतिष्ठित तकनीकी शिक्षण संस्था, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT Jamshedpur) में ‘प्राचीन भारतीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी’ पर आयोजित 15वीं दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का 31 मार्च 2026 को सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन एनआईटी जमशेदपुर के ‘भारतीय ज्ञान केंद्र’ (Indian Knowledge System Center) एवं ‘भारतीय पारंपरिक ज्ञान विज्ञान समाज’ (BPGVS) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। इस महामंथन में देश भर से आए विद्वानों और शिक्षाविदों ने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ जोड़ने पर जोर दिया।

    कार्यक्रम के समापन सत्र की शुरुआत एनआईटी जमशेदपुर के उप-निदेशक एवं भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र के अध्यक्ष प्रो. राम विनय शर्मा के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने अतिथियों का अभिनंदन करते हुए इस राष्ट्रीय संगोष्ठी के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

    आधुनिक तकनीक (AI) और प्राचीन ज्ञान का अद्भुत संगम संगोष्ठी के दौरान सबसे अधिक चर्चा का विषय प्राचीन ज्ञान को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ना रहा। इस अवसर पर डॉ. सोहनी बनर्जी ने ‘भारतीय ज्ञान प्रणाली’ (IKS) को आज के दौर की सबसे उन्नत तकनीक—कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) और डिजिटल तकनीकों के साथ एकीकृत करने की अपार संभावनाओं पर अपने विचार रखे। वहीं, डॉ. प्रेमलता देवी ने प्राचीन भारतीय विज्ञान की वैज्ञानिकता और उसकी समकालीन प्रासंगिकता (Contemporary Relevance) को तथ्यपूर्ण तरीके से श्रोताओं के सामने रखा।

    गो-आधारित परंपराएं और ज्योतिष विज्ञान पर विशेष चर्चा विभिन्न वक्ताओं ने भारतीय पारंपरिक ज्ञान प्रणाली की अलग-अलग विधाओं पर अपने शोध साझा किए। श्री के. ई. एन. राघवन ने अपने व्याख्यान में ‘गो-आधारित परंपराओं’ की वैज्ञानिक, पर्यावरणीय एवं सांस्कृतिक महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि भारत की यह प्राचीन परंपरा पर्यावरण संरक्षण का एक बड़ा आधार बन सकती है। इसके अलावा, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नरेंद्र कुमार ने भारतीय ज्योतिष विज्ञान के गूढ़ रहस्यों और उसके वैज्ञानिक संदर्भों पर अपने विचार प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

    NEET Exam: लखीसराय में नीट-यूजी पुनर्परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश, मेडिकल छात्रों समेत कुल 24 लोग गिरफ्तार

    ज्ञान, विज्ञान और प्रज्ञान से होगा समग्र विकास समापन सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. ओम प्रकाश पांडेय ने ‘ज्ञान, विज्ञान एवं प्रज्ञान’ की त्रिस्तरीय अवधारणा पर गहन चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानव और समाज के समग्र विकास के लिए इन तीनों का सटीक समन्वय अत्यंत आवश्यक है।

    इस अवसर पर BPGVS के संस्थापक अध्यक्ष एवं NITTTR कोलकाता के पूर्व निदेशक प्रो. देवी प्रसाद मिश्रा ने ज्ञान-विज्ञान-प्रज्ञान की महत्ता को समझाते हुए “शिक्षक बनो अभियान” के संदर्भ में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए श्रेष्ठ शिक्षकों का होना सबसे जरूरी है।

    शिक्षा प्रणाली में संस्कृत के महत्व पर जोर कार्यक्रम में उपस्थित प्रो. राकेश सहगल ने भारत की आधुनिक शिक्षा प्रणाली में संस्कृत भाषा के समावेशन (Inclusion) पर विशेष बल दिया। वहीं, एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने इस संगोष्ठी के सफल आयोजन पर हर्ष व्यक्त करते हुए देश भर से आए सभी वक्ताओं, प्रतिभागियों और आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति अपना हार्दिक आभार प्रकट किया।

    NEET UG Exam: नीट-यूजी पुनर्परीक्षा में भौतिकी का खंड सबसे कठिन रहा, कट-ऑफ कम रहने के आसार

    समारोह में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति और धन्यवाद ज्ञापन इस भव्य समापन समारोह में संस्थान की प्रथम महिला श्रीमती इंद्राणी सूत्रधार ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। उनके साथ प्रो. प्रभा चंद, प्रो. ए. के. एल. श्रीवास्तव, प्रो. एच. एल. यादव, प्रो. एस. बी. प्रसाद, डॉ. राज नंदकेल्यार, डॉ. दीपक कुमार सहित कई संकाय एवं गैर-संकाय सदस्य तथा भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के अंत में डॉ. जितेंद्र कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इस संगोष्ठी को सफल बनाने में प्रो. शैलेन्द्र कुमार, डॉ. रत्नेश मिश्रा, डॉ. कौशलेंद्र और डॉ. अशोक मंडल सहित सभी संकाय सदस्यों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के बहुमूल्य योगदान की जमकर सराहना की। इस पूरे कार्यक्रम का सफल एवं सुचारू संचालन डॉ. मनीष कुमार झा द्वारा किया गया।

    WhatsApp Channel Join Now
    Telegram Group Join Now
    प्राचीन भारतीय विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता
    Share. Facebook Twitter WhatsApp LinkedIn Telegram Email Copy Link
    News Desk

    Related Posts

    NEET Exam: लखीसराय में नीट-यूजी पुनर्परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश, मेडिकल छात्रों समेत कुल 24 लोग गिरफ्तार

    June 22, 2026

    NEET UG Exam: नीट-यूजी पुनर्परीक्षा में भौतिकी का खंड सबसे कठिन रहा, कट-ऑफ कम रहने के आसार

    June 22, 2026

    Jharkhand Mango Festival: नाबार्ड के तीन दिवसीय आम महोत्सव में 100 टन से ज़्यादा आम बिके

    June 22, 2026
    Recent Post

    NEET Exam: लखीसराय में नीट-यूजी पुनर्परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश, मेडिकल छात्रों समेत कुल 24 लोग गिरफ्तार

    June 22, 2026

    NEET UG Exam: नीट-यूजी पुनर्परीक्षा में भौतिकी का खंड सबसे कठिन रहा, कट-ऑफ कम रहने के आसार

    June 22, 2026

    Jharkhand Mango Festival: नाबार्ड के तीन दिवसीय आम महोत्सव में 100 टन से ज़्यादा आम बिके

    June 22, 2026

    CBSE: सीबीएसई का 12वीं का पुनर्मूल्यांकन में पहले चरण में 87 प्रतिशत से अधिक आवेदकों के नतीजे घोषित

    June 22, 2026

    Share Bazar: शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार में तेजी, सेंसेक्स में 400 अंकों से अधिक की उछाल

    June 22, 2026
    Advertisement
    © 2026 Lahar Chakra. Designed by Forever Infotech.
    • Privacy Policy
    • Terms
    • Accessibility

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Join Laharchakra Group