


पटना/हाजीपुर। पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने बुधवार को पटना-बख्तियारपुर-राजगीर-तिलैया-बंधुआ-कोडरमा रेलखंड का सघन ‘विंडो ट्रेलिंग’ निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ट्रैक की मजबूती, ओएचई (OHE) सिस्टम और पुल-पुलियों की संरक्षा का जायजा लिया। महाप्रबंधक के इस मैराथन दौरे का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक केंद्र गुरपा-गझंडी घाट सेक्शन की दुर्गम सुरंगों से कोयला लोड मालगाड़ी का सफल ट्रायल रहा।
इंजन की फुटप्लेट पर खड़े होकर GM ने देखा लाइव ऑपरेशन
गुरपा-गझंडी रेलखंड के बीच मौजूद तीनों सुरंगों (टनल) से कोयला लदी बीओबीआरएन (BOBRN) रेक को सफलतापूर्वक पास कराया गया। घाट सेक्शन की इस तीखी ढलान और घुमावदार ट्रैक पर हुए चुनौतीपूर्ण ट्रायल के दौरान महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह खुद ट्रेन के इंजन में मौजूद रहे। उन्होंने पूरी संचालन प्रक्रिया और ब्रेकिंग सिस्टम का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इस मौके पर उनके साथ प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक इंदु रानी दुबे और धनबाद के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अखिलेश मिश्र सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
बाढ़ और बरौनी NTPC को मिलेगी निर्बाध कोयला सप्लाई
रेलवे के शीर्ष अधिकारियों के मुताबिक, इस घाट सेक्शन में हैवी बीओबीआर रेक का नियमित परिचालन शुरू करने के लिए टनल को दोबारा डिजाइन करने और उसका डायमेंशन बढ़ाने का बेहद जटिल काम किया जा रहा है। पिछले महीने ही यहाँ खाली रेक का ट्रायल हुआ था। इस सेक्शन में कोयला लोडेड रेक का ऑपरेशन शुरू होने से बाढ़ और बरौनी स्थित एनटीपीसी (NTPC) पावर प्लांट्स को कोयले की सप्लाई काफी तेज हो जाएगी। इससे वैगनों का ‘टर्नराउंड’ समय बचेगा और लोडिंग की क्षमता बढ़ेगी।
कोडरमा में ‘अमृत भारत’ के तहत बन रहे भवन की समीक्षा
घाट सेक्शन के ट्रायल से पहले महाप्रबंधक ने कोडरमा जंक्शन का निरीक्षण किया। उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत निर्माणाधीन नए स्टेशन भवन और वहां विकसित की जा रही आधुनिक यात्री सुविधाओं के कार्यों की भौतिक प्रगति जांची। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को काम की गुणवत्ता बनाए रखते हुए प्रोजेक्ट को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का अल्टीमेटम दिया।
गया जंक्शन के वर्ल्ड-क्लास लुक का लिया जायजा
अपने दौरे के अंतिम पड़ाव में महाप्रबंधक गया जंक्शन पहुंचे। यहां उन्होंने 300 करोड़ से अधिक की लागत से चल रहे स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि गया का नया स्टेशन भवन न सिर्फ आध्यात्मिक और आधुनिक लुक का बेहतरीन संगम होना चाहिए, बल्कि वहां यात्रियों को एयरपोर्ट की तर्ज पर विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें।




