


New Delhi. रेलवे बोर्ड ने विभिन्न क्षेत्रों (जोन) और मंडलों से कर्मचारियों को नवगठित दक्षिण तटीय रेलवे क्षेत्र और पूर्वी तटीय क्षेत्र के रायगड़ा मंडल में स्थानांतरित करने में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की है। बोर्ड ने कहा कि कई क्षेत्रीय रेलवे ने कर्मचारियों को समयबद्ध तरीके से कार्यमुक्त नहीं किया है, जिससे इन नवनिर्मित रेलवे इकाइयों में श्रमशक्ति की कमी हो सकती है तथा उनके कुशल कामकाज पर असर पड़ सकता है।
रेल मंत्रालय ने नया रेलवे क्षेत्र तथा पूर्वी तटीय क्षेत्र के अंतर्गत एक नया मंडल बनाया है, जो एक जून, 2026 से चालू हो जायेंगे। नए क्षेत्र के बनने से कुल रेलवे क्षेत्र (जोन) बढ़कर 18 हो जायेंगे। इसी प्रकार, रायगड़ा मंडल के जुड़ने से रेलवे मंडलों की कुल संख्या 70 हो जाएगी।
सभी रेलवे जोन के महाप्रबंधकों को भेजे ‘दक्षिण तटीय रेलवे (एससीओआर) और रायगड़ा मंडल का परिचालन’ नामक पत्र में, बोर्ड ने कहा कि दोनों इकाइयां एक जून, 2026 से चालू हो जाएंगी और इसके लिए एक राजपत्र अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है।
बोर्ड ने कहा है कि एससीओआर और रायगड़ा मंडल का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए, सभी जोन के महाप्रबंधकों को इन इकाइयों में काम करने का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों को कार्यमुक्त करने और तदनुसार अनुपालन रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है।
बोर्ड के पत्र में कहा गया है, ‘रेलवे से अभी तक अनुपालन पत्र प्राप्त नहीं हुए हैं। एनओसी जारी करने और एनओसी जारी किए गए कर्मचारियों को कार्यमुक्त करने की वर्तमान स्थिति अपेक्षित स्तर से काफी नीचे है।’’ बोर्ड ने कहा कि एससीओआर मुख्यालय में काम करने के इच्छुक 329 से अधिक कर्मचारियों और रायगड़ा मंडल में काम करने के इच्छुक 271 कर्मचारियों के फैसलों पर अब भी विचार नहीं किया गया है।

बोर्ड ने कहा कि एससीओआर मुख्यालय में केवल 183 कर्मचारियों ने ही कार्यभार संभाला है, जबकि रायगड़ा मंडल में 47 कर्मचारियों ने कार्यभार संभाला है जबकि उनके लिए क्रमश: 526 और 191 कर्मचारियों के लिए मंजूरी दी गई थी। बोर्ड ने कहा,‘‘यह स्पष्ट है कि रेलवे ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया है। इससे एससीओआर और रायगड़ा मंडल के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।’
’ बोर्ड ने महाप्रबंधकों से आग्रह किया है कि वे उन कर्मचारियों को तुरंत कार्यमुक्त करें जिन्हें एनओसी जारी किया जा चुका है और 15 मई, 2026 तक सभी लंबित एनओसी अनुरोधों का सकारात्मक रूप से समाधान करें। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि कर्मचारियों को 20 मई, 2026 तक कार्यमुक्त कर दिया जाए और वे 26 मई, 2026 तक अपनी नई इकाइयों में कार्यभार ग्रहण कर लें।



