


सरायकेला- खरसावां: जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कैलाश मिश्रा ने आज उत्क्रमित मध्य विद्यालय, कदमडीहा और प्रखंड शिक्षा प्रसार कार्यालय, खरसावां का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं, जिस पर डीईओ ने तत्काल सख्त कार्रवाई की।
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सबसे पहले श्री मिश्रा ने कदमडीहा स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों, उपस्थिति पंजिका, मध्याह्न भोजन योजना, आधारभूत संरचनात्मक सुविधाओं और विद्यालय परिसर की स्वच्छता का गहन अवलोकन किया। इस दौरान शिक्षिका श्रीमती ज्योत्स्ना बेहरा बिना किसी पूर्व सूचना के विद्यालय से अनुपस्थित पाई गईं। इस अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए डीईओ ने उनके वेतन भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश दिया।
निरीक्षण के क्रम में डीईओ ने छात्राओं की उपस्थिति कम होने पर चिंता जताई और शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे अभिभावकों से संवाद स्थापित कर विद्यार्थियों की उपस्थिति में सुधार लाएं। उन्होंने कक्षाओं में विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी शैक्षणिक स्थिति की जानकारी ली और उन्हें नियमित रूप से अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद डीईओ श्री मिश्रा ने प्रखंड शिक्षा प्रसार कार्यालय, खरसावां का भी औचक निरीक्षण किया। वहाँ पूर्वाह्न 10:45 बजे तक कार्यालय पूरी तरह बंद पाया गया और कोई भी पदाधिकारी या कर्मी उपस्थित नहीं था। इस लापरवाही को अत्यंत गंभीर मानते हुए उन्होंने बीईईओ सहित सभी पदाधिकारियों और कर्मियों के वेतन पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया।
श्री मिश्रा ने कहा कि शासकीय कार्य प्रणाली में अनुशासन, समयपालन और उत्तरदायित्व की भावना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही की पुनरावृत्ति पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कार्यालय संचालन की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
इस निरीक्षण ने शिक्षा विभाग के प्रशासनिक ढांचे में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक मजबूत संदेश दिया है।



