


- जुस्को ने बिल बकाया बताकर काटा कनेक्शन, एक साल से ठप है धातकीडीह ठक्कर बापा सरकारी स्कूली की जलापूर्ति
- शिक्षा विभाग नहीं करा सका निदान, विधायक व उपायुक्त तक पहुंचाया गया अनुरोध भी नहीं आया काम
जमशेदपुर. टाटा की नगरी और शिक्षा मंत्री रामदास सोरेने के गृह जिले में शहर के बीच एक सरकारी स्कूल के बच्चों को पीने का पानी मयस्सर नहीं हो पा रहा है. गर्मी में स्कूली बच्चों खासकर छात्राओं का हाल बुरा है. जब पीने का पानी ही उपलब्ध नहीं है तो शौचालय व दूसरे कार्यों की जरूरत कैसे पूरी होती होगी यह समझने वाली बात है. हम बात कर रहे हैं धातकीडीह के ठक्कर बापा स्कूल की जहां एक साल से पानी नहीं है. यहां पेयजल का कनेक्शन जुस्को ने काट दिया है और बच्चों को पीने तक का पानी नहीं मिल पा रहा.
इस मामले में सबसे दिलचस्प बात यह है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी यहां आकर निरीक्षण की खानापूर्ति तो करते लेकिन एक साल बाद भी बच्चों को पीने का पानी उपलब्ध कराने में ये लोग नाकाम रहे. स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक का कहना है कि जुस्को ने हरिजन सेवक संघ के नाम पर संचालित कनेक्शन को बिल बकाया बताकर काट दिया है. इस दौरान लगातार स्कूल के लिए नया कनेक्शन लेने का प्रयास किया गया लेकिन वह भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है.
मजे की बात यह है कि इसी भवन में शहर के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों की गतिविधियों का संचालन करने वाला प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी का कार्यालय भी है.संकुल संसाधन सह प्रशिक्षण केंद्र भी है.ऐसे में कर्मचारी और बच्चों को घर से पीने का पानी लाकर दैनिक जरूरतों को पूरा करना पड़ रहा है.स्कूल प्रबंधन समिति के रमेश मुख ने बताया कि जुस्को ने जलापूर्ति के लिए दिये गये आवेदन को रद्द कर दिया है. विधायक व उपायुक्त तक भी स्कूल में पानी नहीं होने की बात पहुंचायी गयी है लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हो सका है.
एक साल से टाटा के शहर में सरकारी स्कूल के बच्चों को पानी नहीं मिल पा रहा. यहां छोटी-छोटी बात पर हंगामा करने, उपायुक्त व एसएसपी को ज्ञापन देकर अखबार में फोटो छपवा कर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने वाले राजनीति दलों के नेता, समाजसेवियों की नजर इस ओर क्यों नहीं गयी यह विचार करने वाली बात है. यह देखने वाली बात होगी कि समाजसेवी
सरकारी स्कूल की व्यवस्था में सुधार के लिए कौन संगठन आगे आता है और बच्चों को पानी मिल पाता है.



