


झारखंड के सरायकेला- खरसावां जिले में इन दिनों अवैध बालू के कारोबार में करोड़ों का अवैध खेल चलने की सूचना है. सूत्र बताते हैं कि अवैध बालू माफिया के आगे सारा सिस्टम फेल है, जिसके परिणाम स्वरूप ही सरायकेला-खरसावां जिले के चौका एवं चांडिल थाना क्षेत्र में बालू का अवैध डंपिंग यार्ड बनाया गया है.
जिला प्रशासन की सख्त रवैया के बावजूद सरायकेला-खरसावां जिले में अप्रत्याशित रूप से चल रहे अवैध बालू का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है. पूर्व में जिले के ईचागढ़ थाना क्षेत्र में बालू की अवैध खनन, भंडारण तथा ढुलाई होती थी पर बीते दिनों उपायुक्त के निर्देश पर जिला खनन विभाग के कड़ी करवाई के बाद अवैध बालू की ढुलाई तथा भंडारण चौका एवं चांडिल थाना क्षेत्र में शिफ्ट किए जाने की सूचना है.
अवैध बालू के कारोबारी मनचाहे रेट में बालू उपलब्ध करा रहे हैं.
स्थानीय लोग बताते हैं कि बिना पुलिस प्रशासन के मिली भगत से यहां अवैध धंधा सफल नहीं हो सकता है, प्रशासन के मिली भगत के कारण अवैध बालू व्यापार में लगे बालू माफिया फल-फूल रहे हैं.
सरायकेला-खरसावां जिले के उपायुक्त के आदेश पर जिले के खनन पदाधिकारी द्वारा लगातार सघन छापेमारी एवं कार्रवाई भी किया जा रहा है. इसके बावजूद स्थानीय सफेद पोश के संरक्षण में चौका एवं चांडिल थाना क्षेत्र में अवैध बालू का खेल बेधड़क जारी है.
सूत्र बताते हैं की स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा कमजोर प्रवृत्ति के बालू व्यापारी अर्थात ट्रैक्टर एवं अन्य छोटा वाहन वाले को खाना पूर्ति के लिए पकड़ लिया जाता है पर वहीं दूसरी ओर राजनीतिक पहुंच एवं पैरवी के कारण बड़े-बड़े सेटिंगवाज प्रवृति के हाईवा वाहनों की धर पकड़ नहीं की जाती है, जो जांच का विषय है.
झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दे रखा है कि प्रदेश में अवैध खनन,भंडारण तथा ढुलाई पर हर हाल में अंकुश लगाना है, इसके बावजूद चौका एवं चांडिल थाना द्वारा अवैध रूप से फल-फूल रहे हैं. अवैध बालू कारोवारियों पर किसी तरह का कोई भी कठोर कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे राजस्व एवं खनिज संपदा की नुकसान जारी है.
अवैध बालू के इस काले कारोबार में सरायकेला- खरसावां जिले के बड़े तस्कर पूरे जोर से सक्रिय हैं. आकाओं के संरक्षण में हो रहे इस खेल में नीचे से ऊपर तक कुछ सफेदपोश के शामिल होने की सूचना हैं. चौका एवं चांडिल थाना क्षेत्र में बालू माफिया का ऐसा तगड़ा नेटवर्क काम कर रहा है कि इनके प्रभाव से खनन विभाग के प्रदेश स्तर के पदाधिकारी भी बड़ी-कड़ी कार्रवाई का साहस नहीं जुटा पाते हैं.
सूत्र बताते हैं कि सरायकेला-खरसावां जिले से बालू का उठाव कर इंट्री के जरिये दूसरे पड़ोसी जिलों में बेचा जा रहा है. रात के अंधेरे में रोज बालू भरकर सैंकड़ों ट्रक-ट्रैक्टर यहां से निकलते हैं, जिन्हें माफिया के चट्टे-बट्टे जिले की सीमा से सुरक्षित पार कराते हैं.
अब देखना है कि सरायकेला-खरसावां जिले के उपायुक्त एवं जिला खनन पदाधिकारी के सख्त करवाई के बाद ईचागढ़ थाना क्षेत्र से शिफ्ट हुआ अवैध बालू का कारोबार चौका एवं चांडिल थाना क्षेत्र में कब तक जारी रहता है.



