


जमशेदपुर।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर के धातु एवं सामग्री अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला “AMPTIC-2025” का समापन रविवार को भव्य समापन समारोह के साथ हुआ। कार्यशाला का विषय था: “विनिर्माण और प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी में प्रगति – उद्योग और उनकी चुनौतियों के विशेष संदर्भ में”।
समारोह की शुरुआत सुबह 10 बजे DJLHC भवन के कक्ष संख्या 112 में हुई। सर्वप्रथम अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
समापन सत्र की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. रीना साहू ने की। उन्होंने कार्यशाला की समग्र रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए प्रतिभागियों के अनुभव और फीडबैक साझा किए। एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधर ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि आज के तकनीकी युग में नवाचार और शोध की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण है। संस्थान के उपनिदेशक प्रो. आर. वी. शर्मा ने तकनीकी शिक्षा में इस प्रकार की कार्यशालाओं की अहम भूमिका को रेखांकित किया।
इस अवसर पर टाटा स्टील के मर्चेंट मिल एवं न्यू बार मिल के प्रमुख श्री रमेश शंकर ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर उद्योग से जुड़ी चुनौतियों और शिक्षा जगत की भूमिका पर अपने व्यावहारिक अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। डॉ. बिनय कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
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AMPTIC-2025 कार्यशाला में देशभर से आए शिक्षकों, शोधार्थियों एवं छात्रों ने भाग लिया। कार्यशाला में 10 आमंत्रित व्याख्यान, विभागीय लैब विज़िट, सांस्कृतिक संध्या, और टाटा मोटर्स का औद्योगिक भ्रमण भी आयोजित किया गया।
यह कार्यशाला शिक्षा और उद्योग के बीच एक मजबूत सेतु बनकर उभरी और नवाचार व तकनीकी संवाद को नई दिशा प्रदान की। इसके माध्यम से अकादमिक और औद्योगिक जगत के बीच सहयोग की नई राहें खुलीं।



