



Jamshedpur. टाटा स्टील जमशेदपुर प्लांट में जल्द ही कर्मचारियों के आने-जाने का तरीका बदल सकता है। कंपनी प्लांट परिसर में दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की तैयारी कर रही है। हालांकि यह फैसला अभी अंतिम नहीं है। फिलहाल प्रबंधन पूरे मामले पर फिजिबिलिटी स्टडी कर रहा है ताकि सड़क सुरक्षा बढ़ाई जा सके और कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी न हो। कंपनी ने प्लांट के चारों प्रमुख गेटों पर वाहनों की आवाजाही का विस्तृत सर्वे शुरू किया है। पहली, दूसरी, रात्रि और जनरल शिफ्ट में कितने कर्मचारी दोपहिया वाहनों से आते हैं, इसका अलग-अलग आंकड़ा तैयार किया जा रहा है। साथ ही बिष्टुपुर, टेल्को, जुगसलाई, मानगो, आदित्यपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले कर्मचारियों की संख्या भी दर्ज की जा रही है।
हर गेट पर ट्रैफिक दबाव, पीक ऑवर और पार्किंग की जरूरत का अलग-अलग विश्लेषण होगा। प्रबंधन की योजना है कि यदि प्रस्ताव लागू होता है तो प्लांट के बाहर बड़े पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे। वहां से कर्मचारियों को उनके कार्यस्थल तक पहुंचाने के लिए शटल बसें चलाई जाएंगी। इसी अध्ययन में यह भी तय किया जाएगा कि कितनी बसों की जरूरत होगी, उनका रूट क्या होगा और किस शिफ्ट में कितनी बसें संचालित की जाएंगी।
सर्वे रिपोर्ट के आधार पर अंतिम कार्ययोजना तैयार होगी। फिलहाल ठेका कर्मचारियों के लिए शटल बस सेवा पहले से उपलब्ध है। यदि नई व्यवस्था लागू होती है तो इसे स्थायी कर्मचारियों तक भी बढ़ाया जा सकता है। हालांकि अंतिम फैसला टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच सहमति बनने के बाद ही लिया जाएगा।


