


New Delhi. मौसम विभाग ने कहा कि भारत में मार्च का महीना सामान्य से अधिक गर्म रहने की संभावना है तथा इस दौरान गर्म हवाएं भी चलेंगी. यह देश भर में गर्मियों के आगमन का संकेत है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डी. शिवानंद पई ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मार्च में प्रायद्वीपीय भारत के कुछ सुदूर दक्षिणी भागों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में मासिक अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है.
पई ने कहा कि दक्षिण प्रायद्वीपीय क्षेत्र में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है. मार्च के अधिक गर्म रहने का अनुमान इसलिए लगाया गया है क्योंकि देश में 1901 के बाद सबसे गर्म फरवरी रही थी, जब औसत तापमान 22.04 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य 20.70 डिग्री से 1.34 डिग्री अधिक था.
पई ने बताया कि फरवरी में देश भर में 10.9 मिमी बारिश हुई – जो 1901 के बाद से 18वीं सबसे कम और 2001 के बाद से पांचवीं सबसे कम बारिश है. उन्होंने कहा कि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में 1.2 मिमी बारिश हुई जो 1901 के बाद से 10वीं सबसे कम और 2001 के बाद से चौथी सबसे कम बारिश है.



