


JAMSHEDPUR। भारतीय रेड क्रॉस सोसाईटी पूर्वी सिंहभूम मानवता की सेवा के कार्यों में लगी रहती है और इसके कार्यों की सराहना जितनी करनी चाहिए, हम उतना शायद नहीं कर पाते।
आज जिस प्रकार यहां नेत्र रोगियों की इतनी बड़ी संख्या आशाओं के साथ अपने आंखों का ऑपरेशन कराने यहां उपस्थित है, वह इस संस्था को दशकों की मेहनत का प्रतिफल है कि लोग इसमें विश्वास करते हैं, रेड क्रॉस के बिजय कुमार सिंह और उनके साथ चलने वाली टीम की लगन ने जो किया है, उसी के कारण इसे राष्ट्रीय पहचान मिली है।
उक्त विचार सासंद विद्युत वरण महतो ने रेड क्रॉस सोसाईटी, पूर्वी सिंहभूम द्वारा पेट्रन स्व. के. के. सिंह के स्मृति में आयोजित 800वें नेत्र ज्योति यज्ञ के उद्घाटन के अवसर पर व्यक्त किया।
उन्होने कहा कि जीनवपर्यन्त जिस प्रकार के. के. सिंह लोगों के दुख-दर्द में हांथ बंटाते रहे, आज उनके नहीं रहने पर उनके परिवार के सदस्य भी उसी प्रकार सेवा भाव से इन कार्यों को कर रहे हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथि जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा कि राम मनोहर लोहिया सेवा संस्थान, महान समाजसेवी डॉ. राम मनोहर लोहिया की याद दिलाता है, जिन लोगों के लिए लोहिया संघर्ष करते हैं और उनके हक की बात करते रहे, उन लोगों को सेवा देने का कार्य यहां हो रहा है, उन्होने कहा कि राम मनोहर लोहिया सेवा संस्थान और रेड क्रॉस की जैसी संस्थाओं के मानवसेवी कार्यों के पीछे यह विचारधारा कार्य कर रही है और उसके अगुवा रेड क्रॉस सोसाईटी, पूर्वी सिंहभूम के मानद सचिव व वर्तमान में रेड क्रॉस झारखंड के चेयरमैन बिजय कुमार सिंह और उनके साथ काम करने वाली सेवा भावी टीम है।
जिला में अनुमंडल पदाधिकारी के रूप में प्रभार ग्रहण करने के पश्चात अपने पहले सार्वजनिक कार्यक्रम में नवनियुक्त अनुमंडल पदाधिकारी व उपाध्यक्ष रेड क्रॉस अर्णव मिश्रा ने कहा कि यहां का इतिहास बताता है कि एक लम्बे समय के निरन्तर प्रयास से 800 नेत्र शिविरों की कड़ी तक यह संस्था पहुंची है। उन्होने कहा कि उनका प्रयास होगा कि रेड क्रॉस के सभी मानवसेवी गतिविधियों को उनका सहयोग प्राप्त होगा, उन्होने कहा न सिर्फ नेत्र ज्योति यज्ञ, बल्कि रक्तदान और अन्य मानवसेवी कार्यों में वे रेड क्रॉस के साथ रहेंगे और इसे मजबूती देने का प्रयास करेंगे।
कार्यक्रम में रेड क्रॉस सोसाईटी की गतिविधियों की जानकारी देते हुए रेड क्रॉस सोसाईटी, पूर्वी सिंहभूम के मानद सचिव विजय कुमार सिंह ने कहा कि रेड क्रॉस सोसाईटी, पूर्वी सिंहभूम आज मानवसेवा की एक पहचान बन गयी है। उन्होने कहा कि नियमित नेत्र शिविर, रक्तदान, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा, मानवसेवी प्रशिक्षण कार्यक्रम के कारण आज इसे यह मुकाम हासिल हुआ है। उन्होने रेडक्रॉस को सहयोग देने वालों को प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में राम मनोहर लोहिया नेत्रालय के अध्यक्ष बालमुकुन्द गोयल ने सभी का स्वागत करते हुए स्वागत भाषण दिया, कार्यक्रम में रेड क्रॉस के रक्तदान समिति के अध्यक्ष अरुण बाकरेवाल ने नेत्र शिविर को अपनी शुभकामना दी।
नेत्र ज्योति महायज्ञ-2026 की संयोजक संस्था के. के. एजुकेशन फाउण्डेशन ट्रस्ट की ट्रस्टी एवं पेट्रन स्व. के. के. सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती उर्मिला सिंह ने नेत्र शिविर में आये नेत्र रोगियों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की शुभकामना दिया।
कार्यक्रम में रेड क्रॉस के उपाध्यक्ष विकास सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि यह इतने विशाल नेत्र शिविर का आयोजन एक बृहत और सम्मिलित सोच का परिणाम है और इससे जुड़े हर व्यक्ति का बहुत महत्व है, चाहे वह मरीजों की सेवा में लगे कार्यकर्ता हो या निस्वार्थ सेवा भाव से ऑपरेशन कर रहे चिकित्सकों की टीम, सभी अपना सबसे बेहतर प्रयास यहां देते है और इसे सेवा धाम बना देते हैं।
मंच संचालन समाजसेवी सत्यनारायण अग्रवाल द्वारा किया गया। इसी कार्यक्रम के साथ आज नेत्र ऑपरेशन के लिए एक नया ऑपरेशन थियेटर मानवता की सेवा को समर्पित किया गया, जिसका उद्घाटन इस ऑपरेशन थियेटर के निर्माण में सहयोगी मटुकधारी लाल कृष्ण मुरारी चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी कृष्ण मुरारी गुप्ता, सांसद विद्युत वरण महतो, विधायक सरयू राय, अनुमंडल पदाधिकारी अर्णव मिश्रा, रेड क्रॉस सोसाईटी के मानद सचिव विजय कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।
कार्यक्रम के दौरान वरीय समाजसेवी ए. के. श्रीवास्तव, समाजविज्ञानी रबीन्द्रनाथ चौबे, चन्द्रमोहन सिंह, के. के. एजुकेशनल फाउण्डेशन ट्रस्ट की ट्रस्टी श्रीमती रश्मि सिंह, श्रीमती उषा सिंह, रेड क्रॉस के कोषाध्यक्ष आशुतोष पारीक. राम मनोहर लोहिया सेवा संस्थान के निदेशक विशाल सिंह, मनोज कुमार बागड़ी, समाजसेवी श्रवण देबुका, शंकर मित्तल, गणेश राव, प्रशान्त गुप्ता, रेड क्रॉस के सक्रिय सदस्य कार्यकर्ता राकेश मिश्र, प्रभुनाथ सिंह, राम उदय प्रसाद, प्रकाश मिश्र, जयप्रकाश सिंह, डी. के. घोष, चन्द्रनाथ सरकार, दीपक कुमार मित्रा, श्रीराम शर्मा, समीर दत्ता, अतुल प्रियदर्शी मुख्य रूप से शामिल थे।
उद्घाटन कार्यक्रम के दूसरे कड़ी में 746 नेत्र रोगियों के आंखों की जांच नेत्र चिकित्सक डॉ. बी. पी. सिंह, डॉ. विनायक कुमार एवं उनके सहयोगी चिकित्सीय टीम द्वारा की गयी, जिसमें 318 नेत्र रोगियों को मोतियाबिन्द ग्रस्त पाया गया, जिनका स्वास्थ्य जांच के पश्चात ऑपरेशन एवं लेंस प्रत्यारोपण रविवार को नेत्र चिकित्सक डॉ. बी. पी. सिंह, डॉ. भारती शर्मा, डॉ. पूनम सिंह, डॉ. विवेक केडिया, डॉ. मलय द्विवेदि, डॉ. कुमार साकेत, डॉ. आनन्द सुश्रुत एवं उनके सहयोगी चिकित्सीय टीम द्वारा किया जायेगा। रविवार को नये नेत्र रोगियों के आंखों की जांच कर ऑपरेशन योग्य मरीजों का चयन भी किया जायेगा।




