


जमशेदपुर:
झारखंड में नियोजन नीति और शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) में मैथिली भाषा को शामिल नहीं किए जाने पर विरोध तेज हो गया है। इसी मुद्दे को लेकर जमशेदपुर में मैथिली भाषा संघर्ष समिति, झारखंड की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक साकची स्थित केनेलाइट होटल में आयोजित हुई और इसकी अध्यक्षता मानस मिश्रा ने की।
मैथिली भाषियों में नाराजगी
झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा जारी JTET नियमावली में जिलावार जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं की सूची में मैथिली को फिर से शामिल नहीं किया गया। इस फैसले से राज्य के लाखों मैथिली भाषियों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। समिति के अनुसार, झारखंड में करीब 25 लाख से अधिक लोग मैथिली भाषा बोलते हैं, इसके बावजूद इसे नजरअंदाज किया जाना चिंता का विषय है।
संघर्ष और प्रयास जारी
बैठक के संयोजक पंकज झा ने बताया कि समिति पिछले कई वर्षों से मैथिली, अंगिका, भोजपुरी और मगही भाषाओं को नियोजन नीति में शामिल कराने के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि 15 अप्रैल 2026 को झारखंड कैबिनेट ने इस मुद्दे पर पुनर्विचार को फिलहाल स्थगित किया है, जिसके पीछे ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के प्रयासों की सराहना की गई।
पहले भी सौंपे जा चुके हैं ज्ञापन
समिति ने बताया कि वर्ष 2023 में तत्कालीन राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को लगभग 7000 हस्ताक्षरों के साथ ज्ञापन सौंपा गया था। इसके अलावा जून 2025 में भी मंत्री दीपिका पांडेय सिंह को ज्ञापन देकर प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में मैथिली को शामिल करने की मांग की गई थी।
संविधान में मान्यता के बावजूद उपेक्षा
बैठक में यह भी कहा गया कि मैथिली भाषा को भारतीय संविधान की अष्टम अनुसूची में स्थान प्राप्त है और झारखंड में यह द्वितीय राजभाषा भी है। इसके बावजूद नियोजन नीति में इसे शामिल नहीं करना भेदभावपूर्ण और अनुचित कदम बताया गया।
आंदोलन की चेतावनी
समिति ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके तहत सभी मैथिली संगठनों को एकजुट कर सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।
सरकार से सहयोग की उम्मीद
समिति ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस दिशा में हस्तक्षेप करने और मैथिली भाषा को JTET एवं नियोजन नीति में शामिल करने की मांग की है। बैठक के अंत में अनूप (ज्योति) मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।



