


जमशेदपुर में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सीतारामडेरा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला ड्रग पेडलर और उसके दो बेटों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोप है कि महिला अपने घर से ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री का अवैध कारोबार संचालित कर रही थी। गिरफ्तार आरोपियों में एक 22 वर्षीय युवक और एक विधि-विरुद्ध बालक (नाबालिग) भी शामिल है।
सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि यह कार्रवाई शहर में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।
गुप्त सूचना के बाद हुई छापेमारी
पुलिस के अनुसार, 12 जुलाई 2026 की शाम करीब 5 बजे सूचना मिली कि सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के ह्यूमपाइप, इंदिरानगर स्थित एक मकान से ब्राउन शुगर की बिक्री की जा रही है। सूचना के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया।
सीतारामडेरा थाना प्रभारी आनंद कुमार मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी कर तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया।
38 पुड़िया ब्राउन शुगर और नकदी बरामद
पुलिस ने छापेमारी के दौरान कुल 38 पुड़िया में पैक 4.32 ग्राम ब्राउन शुगर तथा बिक्री से जुड़े 4,820 रुपये नकद बरामद किए। जब्त सामग्री को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत कब्जे में लिया गया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में भारती कैबर्तो (40 वर्ष), उसका बेटा विशाल कैबर्तो तथा एक विधि-विरुद्ध बालक शामिल हैं। सभी ह्यूमपाइप, इंदिरानगर के निवासी बताए गए हैं।
मुख्य आरोपी पर पहले से कई मामले दर्ज
सिटी एसपी ने बताया कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी भारती कैबर्तो के विरुद्ध पहले से एनडीपीएस अधिनियम के तहत सीतारामडेरा, जुगसलाई और सोनारी थानों में छह मामले दर्ज हैं। वहीं विशाल कैबर्तो के विरुद्ध भी सीतारामडेरा और सोनारी थाना में दो मामले दर्ज बताए गए हैं।
पुलिस का आरोप है कि महिला लंबे समय से परिवार के सदस्यों की मदद से नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त थी। हालांकि, इन आरोपों का अंतिम परीक्षण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।
NDPS Act के तहत दर्ज हुआ नया मामला
इस मामले में सीतारामडेरा थाना कांड संख्या 71/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS Act की धारा 17(a), 21(a), 22(a) और 29 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
छापेमारी टीम में थाना प्रभारी आनंद कुमार मिश्रा के अलावा नगर निगम मानगो के कनीय अभियंता उमाशंकर तथा अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे।


