


जमशेदपुर: राज्य के विभिन्न जिलों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी छात्रों पर हुए पुलिसिया लाठीचार्ज को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने इस घटना की कड़ी भर्त्सना की है। साकची स्थित भाजपा महानगर कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य की हेमंत सोरेन और कांग्रेस गठबंधन सरकार पर युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को बर्बरतापूर्वक कुचलने का गंभीर आरोप लगाया है।
युवाओं की आवाज को दबाने का गंभीर आरोप
आंदोलन की वजह: सांसद महतो ने कहा कि राज्य में हुई विभिन्न नियुक्ति परीक्षाओं में व्यापक अनियमितताओं के विरोध में छात्र पिछले कई दिनों से आंदोलनरत थे। जब सरकार ने उनकी जायज मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने का प्रयास किया।
पुलिसिया बर्बरता: उन्होंने आरोप लगाया कि रांची, हजारीबाग और गिरिडीह सहित कई जिलों में पुलिस और झामुमो कार्यकर्ताओं ने मिलकर निर्दोष छात्र-छात्राओं पर लाठियां बरसाईं, जिसे उन्होंने अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
सीबीआई जांच और दोहरी नीति पर सवाल
सांसद ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरकार पाक-साफ है, तो उसे राज्य स्तरीय परीक्षाओं में हुई धांधली की सीबीआई जांच से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी और राज्य सरकार की दोहरी नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग राष्ट्रीय स्तर पर अन्य मामलों में केंद्रीय एजेंसियों की जांच मांगते हैं, वे राज्य के छात्रों की न्यायसंगत मांग को लाठियों से दबा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि छात्रों पर हमला करने वाले पुलिसकर्मियों और उपद्रवियों को तुरंत चिह्नित कर गिरफ्तार किया जाए

