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झारखंड में दर्जनों IPS के पद खाली, प्रमोशन के इंतजार में टकटकी लगाए काट रहे हैं दिन

झारखंड में दर्जनों IPS के पद खाली, प्रमोशन के इंतजार में दरवाजे पर टकटकी लगाए कट रहे हैं दिन

झारखंड अपराध और नक्सलवाद की समस्या से ग्रसित और पीड़ित होकर जूझ रहा हैl जहां सरकार नक्सलवाद और अपराध को मिटाने के लिए एड़ी चोटी कर दिन-रात जंगलों की खाक छान रही है, और नियंत्रण कर रही हैl वही झारखंड में कई आईपीएस के पद खाली है l जिसके चलते विधि व्यवस्था सहित कई समस्याएं विकराल बनी हुई हैl झारखंड पुलिस विभाग के कई महत्वपूर्ण पद खाली चल रहे हैंl राज्य में आईपीएस अधिकारियों की कमी के चलते पुलिसिंग की व्यवस्था समुचित ढंग से नहीं हो पा रही है lइस वजह से कई महत्वपूर्ण विंग सीआईडी, स्पेशल ब्रांच, एसीबी, मुख्यालय, रेलवे, होमगार्ड, जैप, एससीआरबी समेत कई आईआरबी कमांडेंट और रेंज के पद खाली हैं.

40 ‘की-पोस्ट’ (महत्वपूर्ण पद) हैं, जहां आईपीएस अधिकारी का पदस्थापन अनिवार्य है,  जबकि  इनमें करीब 32 पद खाली हैं, जिनका प्रभार भी किसी को नहीं दिया गया है. इनमें डीजी, एडीजी, आईजी, डीआईजी, एसपी व कमांडेंट के पद शामिल हैं. गृह रक्षा वाहिनी सह अग्निशमन में डीजी, डीआइजी और एसपी के पद खाली हैं. स्पेशल ब्रांच में एसपी, डीआईजी, एडीजी जैसे महत्वपूर्ण पद खाली हैं. मुख्यालय में एसपी ऑपरेशन जैसे महत्वपूर्ण पद खाली हैं.
पांच जिले के एसपी का भी जल्द ही होना है प्रमोशन

जानकारी के अनुसार पांच आईपीएस अधिकारी का डीआईजी में प्रमोशन होना है. एडीजी, आइजी व डीआईजी रैंक के अफसरों का प्रमोशन हो गया है. लेकिन एसपी रैंक का प्रमोशन लंबित है. जिसमें 2008 बैच के आईपीएस अधिकारी जमशेदपुर एसएसपी तमिल वानन, जैंप-1 के कमांडेंट अनीष गुप्ता, चाईबासा एसपी अजय लिंडा, जामताड़ा एसपी दीपक सिन्हा व सिमडेगा एसपी शम्स तबरेज को डीआईजी में प्रमोट किया जा सकता है. हालांकि पुलिस मुख्यालय ने सिमडेगा एसपी के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है. ऐसे में उनके प्रमोशन में पेंच फंस सकता है.
कई आईपीएस अधिकारी भी केद्रीय प्रतिनियुक्ति पर है

राज्य में कई आईपीएस अधिकारी केद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं. जिसमें एसएन प्रधान, एमएल भाटिया, संपत मीणा, नवीन सिंह, डॉ बलजीत, आशीष बत्रा, मनोज कौशिक, साकेत सिंह, क्रांति गरदेशी, कुलदीप द्विवेदी, अनुप टी मैथ्यू, माइकल राज, राकेश बंसल, हरिलाल चौहान, जया राय, पी मुरुगन, अखिलेश वारियर का नाम शामिल है. झारखंड की कोल्हान प्रमंडल में विधि व्यवस्था की समस्याएं हमेशा उत्पन्न होती रहती हैl यहां कई माह से कोल्हान डीआईजी के पद खाली पड़े हैं lअगर शीघ्र अधिकारियों की पदस्थापना और प्रोन्नति नहीं होती है तो आने वाले समय में विकट समस्या विधि व्यवस्था के लिए उत्पन्न हो सकती हैl
ए के मिश्रा

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