


Ranchi. झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों व छात्रों का आंदोलन बुधवार को 19वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी होने तक अपना आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया है। ‘झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी)-झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) रिफॉर्म मंच’ के बैनर तले विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने भर्ती प्रणाली में सुधार पर हेमंत सोरेन सरकार के आश्वासनों के बावजूद अपना आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया है।
वे जेपीएससी और जेएसएससी द्वारा आयोजित परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता, कई परीक्षाओं को रद्द करने और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की एक समिति से स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
इस बीच, ‘झारखंड छात्र न्याय’ के बैनर तले विद्यार्थियों ने सोमवार को राज्य विधानसभा की ओर मार्च के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में एक दिवसीय भूख हड़ताल और काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
लाठीचार्ज के अलावा, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें छोड़े थीं और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कई छात्र घायल हुए हैं। दूसरी ओर रांची पुलिस ने कहा कि झड़पों में उसके 14 कर्मी घायल हुए हैं।
इस टकराव से राजनीतिक घमासान शुरू हो गया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को राज्यव्यापी बंद रखा।

