



Jamshedpur. चांडिल डैम का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद डैम के सभी 13 रेडियल गेट खोल दिए गए। लगातार हो रही बारिश के कारण डैम में पानी का दबाव बढ़ गया था। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए डैम से भारी मात्रा में पानी सुवर्णरेखा नदी में छोड़ा जा रहा है। चार और रेडियल गेटों को डेढ़-डेढ़ मीटर तक खोल दिया गया। इससे पहले डैम के नौ रेडियल गेट खुले हुए थे। इसके अलावा डैम प्रबंधन ने एक स्लुइस गेट को 1.30 मीटर और मुख्य नहर के गेट को 95 सेंटीमीटर तक खोल दिया है। डैम से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसे देखते हुए जमशेदपुर, जुगसलाई और नदी किनारे बसे निचले इलाकों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। पश्चिम बंगाल के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने की अपील की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, डैम का जलस्तर नियंत्रित करने के साथ-साथ ईचागढ़ क्षेत्र के विस्थापित गांवों को जलमग्न होने से बचाने के लिए गेट खोले गए हैं। डैम से पानी छोड़े जाने के बाद नदी किनारे के इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि डैम के गेट तीन मीटर से अधिक खोले जाते हैं, तो बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।
ऐसे में जलस्तर और गेटों की स्थिति की हर पल निगरानी की जा रही है।प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें, जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। आने वाले समय में बारिश जारी रहने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है।

