


Jamshedpur. टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट में अब दोपहिया वाहनों की इंट्री पूरी तरह बंद करने की तैयारी चल रही है। इस संबंध में कंपनी प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच बातचीत जारी है। प्रबंधन की योजना है कि जिस तरह प्लांट में साइकिल की इंट्री बंद की गई थी, उसी तरह चरणबद्ध तरीके से मोटरसाइकिल और अन्य दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगाई जाए। टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट, जमशेदपुर ऑपरेशन चैतन्य भानू ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर प्लांट काफी पुराना है और यहां भारी वाहनों की लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे में प्लांट परिसर के अंदर मोटरसाइकिल की आवाजाही सुरक्षा की दृष्टि से जोखिम भरी हो सकती है। चैतन्य भानू ने कहा कि कंपनी प्रबंधन कर्मचारियों की सुविधा और सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखते हुए इस बदलाव को आपसी सहमति से लागू करना चाहता है।
प्लांट की सड़कों पर भारी वाहनों की आवाजाही और मौजूदा ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए दोपहिया वाहनों की इंट्री रोकने से दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के साथ बातचीत और सहमति के बाद इस व्यवस्था को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।
टाटा स्टील उत्पादन के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी आधुनिक और डिजिटल तकनीक से जोड़ने पर तेजी से काम कर रही है। प्लांट की मशीनों में आधुनिक सेंसर लगाए जा रहे हैं। इन सेंसर के जरिए मशीनों की स्थिति और वाइब्रेशन की जानकारी रियल टाइम में मोबाइल पर प्राप्त की जा सकेगी। इस तकनीक से मशीनों में आने वाली संभावित खराबी का पहले ही पता लगाने में मदद मिलेगी। इससे अचानक होने वाले ब्रेकडाउन को कम करने और उत्पादन प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी बनाने की उम्मीद है।

