


जमशेदपुर।
नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी, जमशेदपुर के पोखरियास्थित परिसर में सोमवार को तीसरे दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और 1700 छात्र-छात्राओं को डिग्री तथा 120 मेधावी छात्रों को गोल्ड मेडल प्रदान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना और अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह, उड़ीसा की शैक्षणिक सलाहकार डॉ. शुक्ला मोहंती, कुलपति डॉ. प्रभात कुमार पाणी, कुलसचिव नागेंद्र सिंह और नेताजी सुभाष ग्रुप के चांसलर मदन मोहन सिंह मौजूद रहे।
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कुलाधिपति मदन मोहन सिंह को “कर्मवीर पुरुष” की संज्ञा दी। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा, “सिर्फ डिग्री लेना बड़ी बात नहीं है, असली चुनौती है खुद में रोजगार देने की क्षमता विकसित करना। आने वाला भारत रोजगार खोजने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बनना चाहिए।”
उन्होंने विद्यार्थियों से “I Can, I Will” के सिद्धांत को अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की अपील की। गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन हो रहे हैं। “हर हफ्ते देश में एक नया शैक्षणिक संस्थान खुल रहा है। आज के युवा सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर अपना परचम लहरा रहे हैं,” उन्होंने कहा।
केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि जब भारत शताब्दी वर्ष में प्रवेश करेगा, तब वह विश्व गुरु के रूप में स्थापित होगा और इसमें आज के छात्रों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
समारोह के अंत में गिरिराज सिंह ने डिग्री प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दीं और बेहतर इंसान बनने के साथ-साथ रोजगार प्रदाता बनने की दिशा में प्रयास करने का संदेश दिया।



