New Delhi. रेलवे के लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट ने रेलकर्मियों के लिए फेस्टिव बोनस का ऐलान कर दिया है. आज 14 अक्टूबर बुधवार को हुई मीटिंग में कैबिनेट ने 78 दिन की सैलरी के बराबर बोनस को मंजूरी दी है. सरकार ने देश के सभी नॉन-गैजेटेड रेलकर्मियों के लिए प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस का ऐलान किया है. केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार शाम 4 बजे कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी. इसमें उन्होंने बताया कि दिवाली तोहफे के तौर पर रेलकर्मियों के लिए 78 दिन के बोनस का फैसला लिया गया है.

11.40 लाख रेलकर्मियों को फायदा
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे कर्मचारियों के बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए, 78 दिनों के PLB को मंजूरी दी है. इसका फायदा 11 लाख 40 हजार 770 रेलवे कर्मचारियों को मिलेगा. रेलकर्मियों को 2009.61 करोड़ रुपये बोनस के तौर पर दिए जाएंगे.

इन रेलकर्मियों को मिलेंगे 17,951 रुपये
प्रत्येक रेलकर्मियों के लिए बोनस की अधिकतम राशि 78 दिनों के लिए 17,951 रुपये है. ये राशि रेलवे कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणियों के कर्मियों को दी जाएगी. इसमें स्टेशन मास्टर, ट्रैक मेंटेनर , लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर (गार्ड), सुपरवाइजर, टेक्नीशियन, टेक्नीशियन हेल्पर, पॉइंट्समैन, रेल मंत्रालय के स्टाफ , अन्य ग्रुप ‘C’ कर्मचारी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रेलवे कर्मचारियों को हर साल दुर्गा पूजा-दशहरा की छुट्टियों से पहले PLB का भुगतान किया जाता है. इस साल भी, लगभग 11.40 लाख नॉन-गजेटेड रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर PLB राशि का भुगतान किया जा रहा है. ये रेलवे कर्मचारियों को रेलवे के प्रदर्शन में सुधार की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करता है.
रेलवे कर्मचारियों कों 78 दिन के वेतन के बराबर बोनस दिया जाता है, जिसका कैलकुलेशन 7,000 रुपये की मिनिमम सैलरी के आधार पर किया जाता है. इस हिसाब से उन्हें 17,951 रुपये दिए जाते रहे हैं. मिनिमम सैलरी की ये लिमिट साल 2014-15 से ही नहीं बदली गई है, जिसके चलते रेलकर्मियों के लिए बोनस की राशि भी 11 साल से नहीं बढ़ी है.

