

Ranchi. केंद्र सरकार के कड़े रुख पर झारखंड सरकार इन दिनों अवैध राशन कार्ड धारकों के विरुद्ध कारवाई करने में जुटी है. जिसके तहत ऐसे 8 लाख 2 हजार 685 कार्ड धारियों की पहचान की गई है. सूची में वैसे कार्ड धारकों का नाम शामिल है, जो छह महीने से लेकर एक साल या उससे भी अधिक समय से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन नहीं लिया है. खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से मिली जानकारी के तहत ये ऐसे राशन कार्ड धारक हैं जो या तो निष्क्रिय हैं, डुप्लीकेट हैं या फिर अपात्र हैं. ऐसे में राज्यभर में सभी कार्ड धारियों का व्यापक रूप से ई-केवाईसी के जरिए सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है. राज्य में चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक 2.5 लाख से अधिक राशन कार्ड धारक अवैध पाए गए हैं.
अवैध रूप से सरकारी राशन ले रहे इन कार्ड धारकों में ऐसे लोग हैं, जो नियम कानून को ठेंगा दिखाकर लाभ लेते रहे हैं. ऐसे में सरकार ने या तो उन्हें स्वत: राशन कार्ड सरेंडर करने को कहा है या विभाग द्वारा चिन्हित किए गए लोगों की सूची डीलर को भेजकर उनसे रिपोर्ट मांगा गया है. विभागीय जानकारी के मुताबिक, राज्य में छह महीने से खाद्यान्न नहीं उठाने वाले 1 लाख 77 हजार 751 राशन कार्ड चिह्नित किए गए हैं. ऐसे कार्ड धारकों को हर माह की 21 तारीख को चिह्नित किया जाएगा और अगले महीने की पहली तारीख को स्वतः निष्क्रिय करने का निर्णय लिया गया है.
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री डॉ इरफान अंसारी के अनुसार, भारत सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार के द्वारा कार्रवाई की जा रही है. मंत्री के अनुसार, जिन लोगों का नाम काटा गया है, वह या तो सुखी संपन्न हैं या 6 महीने से अधिक समय से राशन का उठाव नहीं किया है.
ऐसे में उनका नाम या तो स्वत: कट रहा है या विभाग के द्वारा चिन्हित करके उनका नाम काटा जा रहा है. उन्होंने अपील करते हुए कहा कि इसमें पैनिक होने की जरूरत नहीं है, नाम कट रहा है तो गरीब का नाम भी जोड़ा जा रहा है.

